Modi 2.0 में पीयूष गोयल फिर बने रेल मंत्री, कॉमर्स और इंडस्ट्री मंत्रालय की भी मिली जिम्मेदारी

संक्षेप:

  • नरेंद्र मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में पीयूष गोयल को फिर से रेल मंत्रालय की जिम्मेदारी मिली है.
  • उनको कॉमर्स और इंडस्ट्री मंत्रालय भी दिया गया है.
  • पीयूष गोयल मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में भी रेल मंत्री थे.

नई दिल्ली: नरेंद्र मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में पीयूष गोयल को फिर से रेल मंत्रालय की जिम्मेदारी मिली है. उनको कॉमर्स और इंडस्ट्री मंत्रालय भी दिया गया है. पीयूष गोयल मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में भी रेल मंत्री थे. पीयूष गोयल ने रेलवे में बदलाव के लिए कई कदम उठाए. उन्होंने टेक्नोलॉजी पर भी बड़ा जोर दिया. गोयल ने यात्रियों की सुविधा से जुड़े कई कदम उठाए. मोदी सरकार के पिछले कार्यकाल में अगर किसी ने सही मायनों में संकटमोचक की भूमिका अदा की थी तो वो पीयूष गोयल ही थे. उन्हें मुश्किल में पड़े जितने मंत्रालय सौंपे गए, सभी को वो उबार ले गए. गोयल फिर मोदी सरकार 2.0 में मंत्री होंगे. उन्हें सरकार में शामिल होने का न्योता मिल चुका है.

कोल ब्लॉक आवंटन का पेचीदा मामला सुलझाया

मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में वो सबसे काबिल मंत्रियों में एक रहे. जिस मंत्रालय में मुश्किलें पेश आईं, गोयल को आगे किया गया और वो उसे पटरी पर ले आए. कोल ब्लॉक आवंटन का पेचीदा मसला सुलझाया-कोयला मंत्री की भूमिका में उन्होंने कोयला संकट और कोल ब्लॉक आवंटन के पेचीदा मसले को सुलझाया. ऊर्जा मंत्री के रूप में हर घर तक बिजली पहुंचाने की महत्वाकांक्षी योजना को वक्त पर पूरा किया. जब ट्रेन हादसों के बाद देश की रेल पटरी से उतरती हुई लगी तो गोयल ने आकर रेल मंत्रालय को उबारा.

ये भी पढ़े : सलमान खुर्शीद बोले- चुनाव जीतना तो दूर, कांग्रेस अपना भविष्य तक नहीं कर सकती तय


संभाला वित्त मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार

अरुण जेटली जब खराब स्वास्थ्य की वजह से वित्त मंत्रालय को समय नहीं दे पा रहे थे और बजट सिर पर थे तो पीयूष गोयल हाजिर थे. उन्होंने सबसे चुनौतीपूर्ण वक्त में वित्त मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार संभाला और अंतरिम बजट पेश किया. कहा जा सकता है कि पीयूष गोयल हर कठिन वक्त में मोदी सरकार की ढाल बनकर खड़े रहे.

पीयूष गोयल के पिता बीजेपी के कोषाध्यक्ष रहे हैं दो दशक तक

2014 के चुनाव के बाद लाइम लाइट में आए गोयल-पीयूष गोयल 80 के दशक में बीजेपी से जुड़े. उनके पिता वेदप्रकाश गोयल दो दशक तक बीजेपी के कोषाध्यक्ष रहे. अटल सरकार में वेदप्रकाश गोयल जहाजरानी मंत्री बनाए गए. पीयूष की मां चंद्रकांता गोयल मुंबई से तीन बार विधायक रह चुकी हैं. राजनीतिक परिवार से आने वाले पीयूष ने खुद कभी चुनाव नहीं लड़ा लेकिन वो सरकार के कई अहम मंत्रालयों का पदभार संभाल चुके हैं. पार्टी के कोषाध्यक्ष रहे-पीयूष गोयल ने चार्टेड अकाउंटेंसी की पढ़ाई की है. वो एसबीआई और बैंक ऑफ बड़ौदा के डायरेक्टर रह चुके हैं. पिता की तरह गोयल भी बीजेपी में पैसों का हिसाब-किताब रखते थे. 2010 से लेकर 2014 तक वो पार्टी के कोषाध्यक्ष रहे. 2010 में उन्हें बीजेपी ने राज्यसभा में भेजा. 2016 में एक बार फिर वो राज्यसभा पहुंचे.

If You Like This Story, Support NYOOOZ

NYOOOZ SUPPORTER

NYOOOZ FRIEND

Your support to NYOOOZ will help us to continue create and publish news for and from smaller cities, which also need equal voice as much as citizens living in bigger cities have through mainstream media organizations.

Read more Noida News In Hindi here. देशभर की सारी ताज़ा खबरें हिंदी में पढ़ने के लिए
NYOOOZ HINDI को सब्सक्राइब करें |

Related Articles