मुकुल वासनिक कांग्रेस अध्यक्ष पद की दौड़ में सबसे आगे, CWC की बैठक जारी

संक्षेप:

  • सोनिया गांधी के आवास पर मुलाकात के बाद सूत्रों का कहना है कि मुकुल वासनिक अध्यक्ष पद के दावेदारों में सबसे आगे हैं.
  • कांग्रेस वर्किंग कमेटी (सीडब्ल्यूसी) की हो रही बैठक में दो दशकों में पहली बार गांधी परिवार से बाहर के किसी शख़्स को पार्टी की कमान मिल सकती है.
  • जिसमें वासनिक सबसे मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं.

नई दिल्ली : कांग्रेस के नए अध्यक्ष को लेकर लंबे समय से चल रही उहापोह की स्थिति आज खत्म हो सकती है. सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस के नए अध्यक्ष को लेकर शनिवार को पार्टी की बैठक में निर्णय होगा. सोनिया गांधी के आवास पर मुलाकात के बाद सूत्रों का कहना है कि मुकुल वासनिक अध्यक्ष पद के दावेदारों में सबसे आगे हैं. आपको बता दें कि लोकसभा चुनावों में मिली करारी हार के बाद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने इसकी जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया था. जानकारी के मुताबिक शनिवार को हो रही कांग्रेस वर्किंग कमेटी (सीडब्ल्यूसी) की बैठक में दो दशकों में पहली बार गांधी परिवार से बाहर के किसी शख़्स को पार्टी की कमान मिल सकती है. जिसमें वासनिक सबसे मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं.

आइये जानते हैं मुकुल वासनिक से जुड़ी खास बातें.

- मुकुल वासनिक मूल रूप से महाराष्ट्र के रहने वाले हैं. 27 सितंबर 1959 को जन्मे वासनिक की पोस्ट ग्रेजुएट हैं. उनकी पढ़ाई-लिखाई महाराष्ट्र में हुई है.
- वासनिक राजनीतिक परिवार से ताल्लुक रखते हैं. उनके पिता बालकृष्ण वासनिक कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं में से एक थे और तीन बार सांसद रहे थे.
- मुकुल वासनिक की कॉलेज के दिनों में राजनीति में दिलचस्पी जगी. वे एनएसयूआई और युवा कांग्रेस के अध्यक्ष रह चुके हैं. साथ ही उन्होंने सोनिया गांधी के साथ भी काम किया है. इसके अलावा वे कांग्रेस के महामंत्री भी रहे हैं.
- वासनिक सबसे कम उम्र में सांसद बने और अबतक वे चार बार सांसद रह चुके हैं. उन्होंने महाराष्ट्र की बुलढाड़ा और रामटेक लोकसभा क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व किया है. मुकुल वासनिक केंद्र में सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री भी रह चुके हैं.
- दो पूर्व प्रधानमंत्री, नरसिम्हा राव और डॉ. मनमोहन सिंह के साथ काम कर चुके वासनिक को सांगठनिक और प्रशासनिक कौशल के लिए जाना जाता है.

ये भी पढ़े : CJI रंजन गोगोई का Supreme Court में आज अंतिम दिन, याद रहेंगे उनके ये ऐतिहासिक फैसले


If You Like This Story, Support NYOOOZ

NYOOOZ SUPPORTER

NYOOOZ FRIEND

Your support to NYOOOZ will help us to continue create and publish news for and from smaller cities, which also need equal voice as much as citizens living in bigger cities have through mainstream media organizations.

Read more Noida News In Hindi here. देशभर की सारी ताज़ा खबरें हिंदी में पढ़ने के लिए
NYOOOZ HINDI को सब्सक्राइब करें |

Related Articles