आज सुप्रीम कोर्ट सुनाएगा निर्भया गैंगरेप मामले में अहम फैसला

संक्षेप:

  • निर्भया गैंगरेप मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई
  • दोषियों को फांसी देने पर करेगा  फैसला
  • निर्भया के लिए उठी थी इंसाफ की आवाज

निर्भया गैंगरेप मामले में आज सुप्रीम कोर्ट तीन दोषियों की पुर्नविचार याचिका पर अहम फैसला सुनाएगा। कोर्ट इस मामले में तय करेगा कि दोषियों को फांसी के फैसले को बरकरार रखा जाए या फिर उन्हें राहत दे दी जाए। प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा, न्यायमूर्ति आर भानुमति और न्यायमूर्ति अशोक भूषण की पीठ 29 वर्षीय के.मुकेश, 22 वर्षीय पवन गुप्ता और विनय शर्मा की याचिकाओं पर फैसला देगी। आपको बता दें कि इस मामले में कुल चार दोषी थे, जिसमें चौथे अक्षय कुमार सिंह ने कोर्ट के पिछले फैसले के खिलाफ पुर्नविचार याचिका नहीं दी थी। आपको बता दें कि निर्भया केस में सर्वोच्च न्यायालय ने अपने 2017 के अपने फैसले में सभी आरोपियों की मौत की सजा को बरकरार रखा था।

निर्भया के लिए उठी थी इंसाफ की आवाज

16 दिसबंर 2012 को दिल्ली में पैरामैडिकल की छात्रा निर्भया के साथ आरोपियों ने चलती गाड़ी में गैंगरेप किया था। बलात्कार करने के बाद बुरी तरह से मारपीट के बाद दिल्ली के महिपालपुर में उसे सड़क किनारे फेंक दिया था। 29 दिसंबर, 2012 को निर्भया की सिंगापुर के एक अस्पताल में मौत हो गई थी। निर्भया की आवाज के लिए देशभर में लोग सड़कों पर निकल आए थे। एक आरोपी ने तिहाड़ जेल में आत्महत्या कर ली थी, जबकि एक आरोपी नाबालिग था, जिसे तीन साल तक सुधार गृह में रखे जाने के बाद रिहा कर दिया गया।

ये भी पढ़े : हरिद्वार में लगी 108 फीट की भगवान शंकर की प्रतिमा का खस्ता हाल


निर्भया गैंगरेप के ये है दोषी..

मुकेश सिंह- मुकेश बस का क्लीनर था। जिस रात बस में गैंगरेप की यह घटना हुई थी उस वक्त मुकेश सिंह भी बस में सवार था। गैंगरेप के बाद मुकेश ने निर्भया और उसके दोस्त को बुरी तरह पीटा था। मुकेश सिंह अभी तिहाड़ जेल में बंद है।

विनय शर्मा- विनय पेशे से फिटनेस ट्रेनर था। जब इसके पांच अन्‍य साथी निर्भया के साथ गैंगरेप कर रहे थे तो यह बस चला रहा था। अन्य दोषियों के साथ विनय तिहाड़ जेल में कैद है, राम सिंह के खुदकुशी करने के बाद विनय ने भी जेल के भीतर आत्‍महत्‍या की कोशिश की थी लेकिन वह बच गया था।

पवन गुप्ता- पवन गुप्ता दिल्ली में फल बेचने का काम करता था। 16 दिसंबर को गैंगरेप के समय यह भी अपने दोस्तों के साथ उस बस में मौजूद था। पवन गुप्ता भी तिहाड़ जेल में अन्य दोषियों के साथ बंद है। पवन जेल में रहकर ग्रेजुएशन की पढ़ाई कर रहा है।

अक्षय ठाकुर- बिहार का रहने वाला अक्षय ठाकुर अपनी पढ़ाई छोड़कर घर से भागकर दिल्ली आ गया था। यहां उसकी दोस्ती राम सिंह से हुई थी। राम सिंह के सहारे वह फल बेचने वाले पवन गुप्ता से भी घुल-मिल गया था। अक्षय ठाकुर भी तिहाड़ जेल में कैद है। बता दें कि अक्षय ने सुप्रीम कोर्ट के पांच मई 2017 के फैसले के खिलाफ पुनर्विचार याचिका दायर नहीं की है।

गौरतलब है कि निर्भया गैंगरेप मामले में कुल 6 लोग आरोपी थे। जिनमें राम सिंह ने जेल में ही आत्महत्या कर ली थी। राम सिंह (32) जो पेशे से बस ड्राइवर था। जिस चलती बस में निर्भया के साथ गैंगरेप हुआ, उस बस को राम सिंह ही चला रहा था। राम सिंह इस वारदात का मुख्य आरोपी था। राम सिंह ने गैंगरेप करने के साथ ही निर्भया और उसके दोस्त को लोहे की रॉड से बुरी तरह पीटा था। घटना के महज कुछ घंटों बाद पुलिस ने राम सिंह को गिरफ्तार कर लिया था। 11 मार्च, 2013 को राम सिंह ने तिहाड़ जेल में खुदकुशी कर ली थी।

Your support to NYOOOZ will help us to continue create and publish news for and from smaller cities, which also need equal voice as much as citizens living in bigger cities have through mainstream media organizations.

Read more Noida News In Hindi here. देशभर की सारी ताज़ा खबरें हिंदी में पढ़ने के लिए
NYOOOZ HINDI को सब्सक्राइब करें |

Related Articles