नोएडा मेट्रो के इस लाइन पर मुश्किल से 10 पैंसेजर भी नहीं चढ़ते, अब इन स्टेशनों पर खोले जाएंगे कोचिंग सेंटर

संक्षेप:

  • नोएडा मेट्रो रेल निगम ने उन 6 मेट्रो स्टेशन को चिन्हित किया है, जहां पर यात्रियों की संख्या काफी कम रहती है
  • यह यह मेट्रो स्टेशन सेक्टर 143 से लेकर सेक्टर 148 तक के अर्न्तगत आती है
  • ऐसे में अब नोएडा मेट्रो रेल निगम इन स्टेशनों पर यात्रियों की संख्या को बढ़ाने के लिए कई तरह की सुविधा लाने पर विचार कर रहा है.

नोएडा मेट्रो रेल निगम ने उन 6 मेट्रो स्टेशन को चिन्हित किया है, जहां पर यात्रियों की संख्या काफी कम रहती है. यह मेट्रो स्टेशन सेक्टर 143 से लेकर सेक्टर 148 तक के अर्न्तगत आती है. ऐसे में अब नोएडा मेट्रो रेल निगम इन स्टेशनों पर यात्रियों की संख्या को बढ़ाने के लिए कई तरह की सुविधा लाने पर विचार कर रहा है. 

नोएडा मेट्रो रेल निगम ने बताया है कि वह सेक्टर 143 से लेकर सेक्टर 148  के बीच आने वाले स्टेशनों पर छात्रों के लिए कोचिंग संस्थान खोलने की अनुमति प्रदान करेगा, ताकि इन मेट्रो स्टेशनों पर आवाजाही बढ़ सके, जिसका फायदा सीधे मेट्रो निगम को कमाई के रुप में दिखे. मालूम हो कि सेक्टर 143 सेलेकर सेक्टर 148 के बीच आने वाले मेट्रो स्टेशनों पर मुश्किल से 10 यात्री भी दिन भर नहीं चढ़ते थे. ऐसे में नोएडा मेट्रो रेल निगम को उम्मीद है कि आने वाले समय में यात्रियों की संख्या में बढोत्तरी देखने को मिलेगी. वहीं मेट्रो निगम के जनरल मैनेजर ने कहा है कि अगर इस मेट्रो रेल लाइन  पर कोचिंग सेंटर खोले जाते है तो यहां पर सीधे तौर पर मेट्रो रेल को फायदा मिलेगा, क्योंकि यात्रियों की संख्या बढ़ेगी.

इसके अलावा नोएडा मेट्रो रेल निगम ने एक्वा लाइन मेट्रो के स्टेशनों के सह-ब्रांडिंग अधिकार के लिए सरकारी संगठनों, राष्ट्रीयकृत बैंकों और लोक उपक्रमों से निविदाएं आमंत्रित की हैं. अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी. अधिकारियों ने कहा कि निगम ने 11 स्टेशनों की सह-ब्रांडिंग के लिए 33 सरकारी संगठनों, राष्ट्रीयकृत बैंकों और लोक उपक्रमों से निविदाएं मांगी हैं. यह स्टेशन नोएडा सेक्टर-76, सेक्टर-101, सेक्टर-81, एनसेज, सेक्टर-83, सेक्टर-143, सेक्टर-144,सेक्टर-145, सेक्टर-146, सेक्टर-147 और डिपो स्टेशन हैं. वहीं दिल्ली मेट्रो रेल निगम की तरफ से यह भी घोषणा की गई है कि मेट्रो में मोबाइल नेटवर्क व कॉल ड्रॉप की समस्या अब दूर हो जाएगी. मेट्रो में मोबाइल नेटवर्क की समस्‍या से अब नहीं जूझना होगा

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इसके लिए दिल्ली मेट्रो रेल निगम ने पांच कॉरिडोर के 94 मेट्रो स्टेशनों पर मोबाइल टावर लगाने की कवायद शुरू कर दी है. उन स्टेशनों पर मोबाइल टावर लगाने के लिए दूरसंचार कंपनियों को डीएमआरसी जगह उपलब्ध कराएगा. कंपनी को जिम्मेदारी सौंपने के छह महीने में यह काम पूरा हो जाएगा. मेट्रो में मोबाइल नेटवर्क की बड़ी समस्या है. कई स्टेशनों पर नेटवर्क बिल्कुल काम नहीं करता है. फेज तीन की नई मेट्रो लाइनों पर समस्या ज्यादा है. डीएमआरसी ने कई स्टेशनों पर समस्या दुरुस्त भी की है, पर परेशानी बरकरार है.

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