नोएडा: जानिए आखिर क्यूं इतनी तेज़ी से बढ़ रहा कोरोना, फेफड़ों को संक्रमित कर रहा वायरस

संक्षेप:

  • कोरोना वायरस पर हुआ शोध
  • वायरस स्वरूप बदलने से एंटीबॉडी फेल हुई
  • फेफड़ों को संक्रमित कर रहा यह बदला वायरस

नोएडा । भारत में कोरोना संक्रमण की रफ्तार बेकाबू होते जा रही है। बीते 24 घंटों में कोरोना संक्रमण के 1.84 लाख नए मामले सामने आए हैं। और अब यह वायरस के बदले स्वरूप (म्यूटेशन) के कारण और ज़्यादा खतरनाक हो रहा है।

ऐसे में राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान (जिम्स) की मॉलीक्यूलर डायग्नोस्टिक एंड रिसर्च लेबोरेटरी के साइंटिस्ट सी (रिसर्च ऑफिसर) डॉ. रवि कुमार चौधरी ने संस्थान में चल रहे शोध के हवाले से कई बड़ी जानकारियां दी हैं कि आखिर क्यों इतना तेजी से कोरोना पूरे देश में बढ़ रहा है।
 
वायरस के स्पाइक्स में हुआ बदलाव

डॉ. रवि कुमार चौधरी ने संस्थान में चल रहे शोध के हवाले से बताया कि वायरस पर कांटे जैसे दिखने वाले स्पाइक्स के बदले स्वरूप से व्यक्ति की एंटी बॉडी काम नहीं कर पा रही और वायरस फेफड़ों को संक्रमित कर रहा है। इससे तेजी से संक्रमण एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति के शरीर में फैल रहा है। उन्होंने बताया कि विदेश से आने वाले 70 लोगों में से 10 और स्थानीय 40 लोगों के सैंपल से किए गए शोध में वायरस में बदलाव दिखाई दिया।
 
स्पाइक्स में बदलाव से एंटीबॉडी को वायरस पहचानने में दिक्कत
 
मार्च के बाद बदलाव से मरीज की शरीर की एंटीबॉडी उसे ठीक तरह से पहचान नहीं पा रही और वायरस फेफड़े की कोशिकाओं को तेजी से संक्रमित कर रहा है। इस वजह से वायरस अधिक घातक हो रहा है। वहीं, जिम्स के निदेशक ब्रिगेडियर डॉ. राकेश कुमार गुप्ता और रिसर्च ऑफिसर डॉ. रवि का कहना है कि जिन लोगों को वैक्सीन लगी है, उनकी भी एंटीबॉडी को वायरस स्वरूप में बदलाव से धोखा देकर संक्रमित कर रहा है।
 
मृत्युदर पिछले वर्ष से अधिक होने की संभावना

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वायरस में बदलाव से संक्रमण बढ़ रहा है। वहीं, एंटीबॉडी के ठीक ढंग से कार्य नहीं करने से आगे चलकर मृत्युदर पिछले वर्ष से अधिक होने की संभावना है। उन्होंने इसके मरीजों को बेहतर इम्युनिटी वाले भोजन और दवा के अलावा दिन में कई बार भाप लेने को फायदेमंद बताया है।

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