राज्यसभा में अटकेगा या फिर पास होगा तीन तलाक बिल? जानिए क्या है बहुमत का गणित?

संक्षेप:

  • केंद्र सरकार आज ऊपरी सदन में तीन तलाक बिल को पेश करेगी.
  • ऐसे में एक बार फिर अब विपक्षी ताकत की परीक्षा है.
  • क्योंकि एनडीए को राज्यसभा में बहुमत नहीं है और विपक्ष मजबूत है.

नई दिल्ली: लोकसभा में तीन तलाक बिल पास होने के बाद अब राज्यसभा की बारी है. केंद्र सरकार आज ऊपरी सदन में तीन तलाक बिल को पेश करेगी. ऐसे में एक बार फिर अब विपक्षी ताकत की परीक्षा है, क्योंकि एनडीए को राज्यसभा में बहुमत नहीं है और विपक्ष मजबूत है. लेकिन जिस तरह RTI बिल और UAPA बिल के दौरान हुआ और विपक्षी एकता में सेंध लग गई तो मोदी सरकार के लिए एक बड़ी कामयाबी होगी.

अबकी बार राज्यसभा में वार

लोकसभा में भाजपा के पास प्रचंड बहुमत है, यही कारण है कि तीन तलाक बिल वहां पर आसानी से पास हो गया. लेकिन अब परीक्षा राज्यसभा में होनी है. कांग्रेस, बीजेपी ने अपने-अपने सांसदों को व्हिप जारी कर दिया है और सदन में उपस्थित रहने को कहा गया है. पिछले कुछ दिनों में विपक्ष जिस तरह लगातार वॉकआउट करता आ रहा है, ऐसे में इस बार भी सदन में बिल को पास कराना सरकार के लिए आसान नहीं होगा.

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अभी क्या कहता है नंबर गेम?

राज्यसभा में कुल सदस्यों की संख्या 245 है, लेकिन अभी 4 सीटें खाली हैं. ऐसे में बहुमत हासिल करने के लिए 121 की संख्या की जरूरत है. वहीं अगर नंबर की बात करें तो एनडीए के पास अपने दम पर कुल 104 का आंकड़ा है.

भाजपा- 78
जेडीयू- 6
शिवसेना- 3
अकाली दल- 3
मनोनीत-निर्दलीय 12
(इनमें से जेडीयू ने तीन तलाक बिल का विरोध करने की बात कही है)

विपक्ष का गणित

वहीं विपक्ष के पास भी 109 की संख्या है. हालांकि, माना जा रहा है कि YSR कांग्रेस, जेडीयू, टीआरएस और एआईएडीएमके सदन में मतदान के दौरान अनुपस्थित रह सकते हैं. ऐसे में इनके मौजूद ना होने से भी फर्क पड़ेगा.

RTI बिल और UAPA बिल जैसा होगा गेम?

इस बीच विपक्ष को उम्मीद है कि वह इस बिल को रोक लेगी तो वहीं बीजेपी को भी अपने कुछ दोस्तों पर भरोसा है. क्योंकि RTI बिल और UAPA बिल के दौरान जिस तरह बीजद, TRS और वाईएसआर कांग्रेस ने सरकार का समर्थन किया था, उससे राज्यसभा का पूरा गेम ही पलट गया था. राज्यसभा में BJD के पास 7, YSR के पास 2 और TRS के पास 6 सांसद हैं. यानी जो NDA 104 पर अटका है अगर उसके साथ ये 15 भी आज जाते हैं तो उसे बहुमत के करीब पहुंचने में कुछ आसानी होगी.

विरोध करेगी आम आदमी पार्टी

तीन तलाक बिल पर संजय सिंह का कहना है कि इस बिल को सेलेक्ट कमेटी में भेजा जाना चाहिए इसमें बहुत सारे ऐसे मुद्दे हैं जो कि गलत हैं. ट्रिपल तलाक मामले को क्रिमिनलाइज क्यों किया गया, आपराधिक बनाकर के एक खास समुदाय को टारगेट किया जा रहा है. आम आदमी पार्टी के तीन सांसद हैं, तीनों इसके विरोध में वोट करेंगे. संजय सिंह का कहना है कि जो लोग गरीबों को और रेप से प्रभावित महिलाओं को न्याय नहीं दे सकते हैं. उनको इस तरीके का बिल लाने का कोई अधिकार नहीं है. इसके जरिए सरकार अपनी वोट बैंक की राजनीति कर रही है और राजनीतिक रोटियां सेकने का प्रयास कर रही है हम इस बिल का विरोध करते हैं.

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