RIP Sushma Swaraj: 11 जून 1996... जब कश्मीर पर सुषमा स्वराज का ये भाषण सुन पस्त हो गए थे विरोधी!

संक्षेप:

  • अपने पूरे राजनीतिक कार्यकाल के दौरान कश्मीर सुषमा स्वराज के दिल के काफी करीब रहा.
  • 11 जून 1996 को उन्होंने लोकसभा में कश्मीर मसले पर जो जोरदार भाषण दिया था, वह इतिहास में दर्ज है.
  • विदेश मंत्री रहते हुए सुषमा स्वराज लगातार कश्मीर को लेकर एक्टिव रहीं.

नई दिल्ली: पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज अब इस दुनिया में नहीं रहीं. देर रात दिल का दौरा पड़ने से उनका निधन हो गया. तबीयत बिगड़ने पर सुषमा स्वराज को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) लाया गया था, जहां उन्होंने अंतिम सांस लीं. सुषमा स्वराज ने निधन के 3 घंटे पहले आखिरी बार ट्वीट किया था. उनका आखिरी ट्वीट कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाने को लेकर था. इसमें उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का शुक्रिया अदा करते हुए लिखा- `मैं अपने जीवन में इस दिन को देखने का इंतजार कर रही थी.`

दरअसल, अपने पूरे राजनीतिक कार्यकाल के दौरान कश्मीर सुषमा स्वराज के दिल के काफी करीब रहा. 11 जून 1996 को उन्होंने लोकसभा में कश्मीर मसले पर जो जोरदार भाषण दिया था, वह इतिहास में दर्ज है. इस भाषण में सुषमा स्वराज ने बताया था कि जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाना भारतीय जनता पार्टी का लॉन्ग टर्म प्लान है. विदेश मंत्री रहते हुए सुषमा स्वराज लगातार कश्मीर को लेकर एक्टिव रहीं.

ये था सुषमा स्वराज का आखिरी ट्वीट

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जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन बिल मंगलवार को जब लोकसभा से भी पास हो गया, तब सुषमा स्वराज ने इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का शुक्रिया अदा किया. उन्होंने लिखा- `प्रधानमंत्री जी आपका हार्दिक अभिनन्दन! मैं अपने जीवन में इस दिन को देखने की प्रतीक्षा कर रही थी. इस ट्वीट के कुछ देर बाद ही सुषमा स्वराज को कार्डिएक अरेस्ट आया. उन्हें एम्स पहुंचाया गया, लेकिन डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके.

क्या था 1996 का भाषण?

साल 1996 में सुषमा स्वराज सरकार के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर बोलने के लिए खड़ी हुई थीं. अटल बिहारी वाजपेयी के इस्तीफ़े के बाद बीजेपी नेता सुषमा स्वराज ने विपक्ष को करारा जवाब दिया था. उन्होंने विपक्षी पार्टियों की नीयत पर सवाल किए और उनके इस भाषण ने तेज तर्रार के नेता के तौर पर उनकी छवि को और मज़बूत किया था.

सुषमा स्वराज ने कहा था,

`हम सांप्रदायिक हैं, क्योंकि हम आर्टिकल 370 को खत्म करना चाहते हैं. हम सांप्रदायिक हैं, क्योंकि हम देश में जाति-पंथ के आधार पर भेदभाव को खत्म करना चाहते हैं... माननीय अध्यक्ष, हम सांप्रदायिक हैं, क्योंकि हम कश्मीर रिफ्यूज़ी के आवाज़ को सुनना चाहते हैं.`

अपने भाषण में सुषमा स्वराज ने सदन को ये समझाया था कि आखिर बीजेपी कश्मीर से आर्टिकल 370 क्यों हटाना चाहती है. इस भाषण में उन्होंने रामायण और महाभारत का जिक्र भी किया था.

सुषमा स्वराज ने कहा था,

"जब एक मंथरा और एक शकुनी भगवान राम और युधिष्ठिर को राज करने से रोक सकते हैं, तो आप इसी सदन में देखें, कितने मंथरा और शकुनी हमारे खिलाफ खड़े हो गए हैं. ऐसे में हम सत्ता में कैसे रह सकते हैं? मुझे लगता है कि यही (अविश्वास प्रस्ताव) रामराज्य और सुराज्य की प्रकृति है."

कश्मीर में आर्टिकल 370 खत्म करने की रखी थी नींव

लोकसभा में विपक्ष के हंगामे के बीच बुलंद आवाज़ में बोलते हुए सुषमा स्वराज ने कश्मीर को लेकर बीजेपी के उस बड़े फैसले की नींव रखी थी, जिसे सोमवार को पीएम मोदी और गृहमंत्री अमित शाह ने अंजाम दिया. सुषमा स्वराज के इस भाषण ने सदन में हंगामा मचा दिया. जिसके बाद तत्कालीन स्पीकर पीए सांगमा को हस्तक्षेप करना पड़ा- `प्लीज मैडम अपना भाषण इतना दिलचस्प न करिए!`

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