श्रीकांत त्यागी अभद्रता केस में आया स्वामी प्रसाद मौर्य का नाम, स्वामी ने नोएडा पुलिस आयुक्त को भेजा 11 करोड़ रुपये का मानहानि नोटिस

संक्षेप:

  • श्रीकांत त्यागी अभद्रता केस में आया स्वामी प्रसाद मौर्य का नाम।
  • स्वामी ने कहा- पूरे देश में मेरी छवि-प्रतिष्ठा को धूमिल करने का प्रयास किया।
  • पुलिस आयुक्त को भेजा 11 करोड़ रुपये का मानहानि नोटिस।

नोएडा. नोएडा के ग्रेंड ओमैक्स सोसायटी में महिला से अभद्रता करने के मामले में गिरफ्तार श्रीकांत त्यागी के केस में अपना नाम आने के बाद समाजवादी पार्टी के नेता एवं पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने नोएडा पुलिस आयुक्त आलोक सिंह को साढ़े 11 करोड़ रुपये का मानहानि नोटिस भेजा है। उन्होंने शनिवार को ट्वीट करते हुए लिखा, पुलिस कमिश्नर गौतमबुद्धनगर ने विधानसभा पास को लेकर श्रीकांत त्यागी प्रकरण में बिना जांच-पड़ताल किए गैर जिम्मेदाराना हरकत कर प्रेस के माध्यम से पूरे देश में मेरी छवि-प्रतिष्ठा एवं लोकप्रियता को धूमिल करने का प्रयास किया। उसके परिप्रेक्ष्य में मानहानि करने संबंधी कानूनी नोटिस भेजी।

क्या कहा था आलोक सिंह ने

श्रीकांत त्यागी की गिरफ्तारी को लेकर पुलिस आयुक्त आलोक सिंह ने आठ अगस्त को प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। उसमें उन्होंने बताया था कि कैसे श्रीकांत पुलिस को इतने दिन तक चकमा देता रहा और फिर कैसे पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया। इस दौरान उन्होंने बताया था कि श्रीकांत की गिरफ्तारी के दौरान उसके पास पांच कार बरामद की गईं। इनमें से एक कार पर विधायक का स्टीकर लगा हुआ था, जिसके बारे में पूछने पर श्रीकांत ने बताया कि यह उसे स्वामी प्रसाद मौर्य की मदद से मिला है।

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गाड़ियों के नंबर `001` पाने के लिए खर्च किए लाखों रुपये

पुलिस आयुक्त ने बताया था कि हमारी टीमें इसकी हर गतिविधि पर पैनी नजर बनाए हुए थीं। नकुल त्यागी, संजय, ड्राइवर राहुल इसके मुख्य साथी हैं। ये सभी त्यागी के साथ लंबे समय से जुड़े हुए थे। पुलिस आयुक्त ने जानकारी दी थी कि इसके पास से मिले वाहनों में 001 नंबर कॉमन है। आरोपी ने सभी गाड़ियों के नंबर के लिए लाखों रुपये खर्च किए हैं। गिरफ्तारी के दौरान दो फ्च्यूनर, दो सफारी और होंडा सिविक बरामद हुई थी।

पुलिस आयुक्त से 15 दिन में मांगा हर्जाना

स्वामी प्रसाद मौर्य ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के अधिवक्ता के मार्फत भेजे गए नोटिस में आरोप लगाया गया है कि जानबूझकर और दुर्भावना से उनका नाम श्रीकांत त्यागी के साथ जोड़ा गया। नोटिस में अधिवक्ता जे एस कश्यप ने कहा है कि उनके मुवक्किल विधान परिषद में सदस्य हैं और छह बार विधानसभा सदस्य रह चुके हैं। नौ अगस्त को हुई प्रेस कॉन्फ्रेस में बिना किसी सबूत के कहा गया है कि श्रीकांत त्यागी को उन्होंने सचिवालय पास (वाहन पास) प्रदान किया था। इस कृत्य से न सिर्फ प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाते हैं बल्कि राजनीतिक करियर को कलंकित करते हैं।

उन्होंने सामान्य नुकसान कुल 11 करोड़ 50 लाख 50 हजार (सामान्य और विशेष मुआवजे के रूप में) का नोटिस देते हुए 15 दिन का वक्त दिया है। इसके बाद कानून के अनुसार आपराधिक और दीवानी कार्रवाई शुरू करने की बात कही गई है।

अभद्रता पर श्रीकांत त्यागी जता चुका है खेद

पुलिस आयुक्त ने कहा कि पूछताछ के दौरान आरोपी ने बताया कि महिला के साथ की गई अभद्रता के लिए वह खेद जताता है। उससे आवेश में गलती हो गई।

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