लोकसभा से एक बार फिर पास हुआ तीन तलाक बिल, कांग्रेस ने किया वाकआउट

संक्षेप:

  • लोकसभा से एक बार फिर तीन तलाक बिल पास हो गया है.
  • लोकसभा में बिल को विचार के लिए पेश करने के पक्ष में 303 और विपक्ष में 82 वोट पड़े.
  • तीन तलाक बिल को पेश करने का प्रस्ताव पारित हो गया.

नई दिल्ली: लोकसभा से एक बार फिर तीन तलाक बिल पास हो गया है. कांग्रेस, डीएमके, एनसीपी समेत कई विपक्षी दलों ने इसका विरोध किया जबकि टीएमसी और सरकार की सहयोगी जेडीयू ने सदन से वॉक आउट कर दिया है.

बिल पर विचार का प्रस्ताव वोटिंग के बाद पास

लोकसभा में बिल को विचार के लिए पेश करने के पक्ष में 303 और विपक्ष में 82 वोट पड़े. तीन तलाक बिल को पेश करने का प्रस्ताव पारित हो गया. अब बिल पर संशोधन पर वोटिंग हो रही है और ओवैसी की ओर से लाए गए संशोधन को सदन ने ध्वनिमत से खारिज कर दिया है. ओवैसी की ओर से दिए गए दूसरे संशोधन को भी सदन ने खारिज कर दिया है. एन के प्रेमचंद्रन के संशोधन प्रस्ताव को भी खारिज कर दिया गया है.

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बिल के विरोध में TMC का वॉक आउट

कांग्रेस सांसद अधीर रंजन ने कहा कि राम और रहीम को अगर आप एक मानेंगे तो देश में कानून पारित करने की जरूरत नहीं पड़ेगी, क्योंकि आज आपको बिल पारित कराने के लिए पैगम्बर साहब का नाम लेना पड़ रहा है. उन्होंने कहा कि इसे आपराधिक बनाने पर ही हमारा विरोध है, हमारी सलाह के बाद आपने 3 संशोधन किए हैं. लेकिन आप अपनी बात घुमा के बिल में लेकर आए हैं. टीएमसी सांसस सुदीप बंधोपाध्याय ने कहा कि हमारी शंकाओं को दूर नहीं किया गया है और न ही सरकार की ओर से जवाब दिया गया, विरोध स्वरूप हम सदन से वॉक आउट करते हैं.

हिन्दू समाज में बदलाव का असर दिखा: कानून मंत्री

कानून मंत्री ने कहा कि हमें मुस्लिमों का वोट कम मिलता है लेकिन जब भी जीतते हैं तो सबके साथ, सबके विकास की बात करते हैं. उन्होंने कहा कि क्रिमिनल करने पर मुआवजा देने के प्रावधान पर सवाल उठाए गए लेकिन जब मुस्लिम पति दहेज के मामले में जेल जाता है तो यह सवाल क्यों नहीं उठता. जुर्म करने पर जेल जाने पर यह सवाल क्यों नहीं उठता. हिन्दू समाज में बदलाव का असर दिख रहा है, कुप्रथाएं बंद हुई हैं. पीड़ित महिलाएं क्या स्टेक होल्डर नहीं हैं, सिर्फ उन्हें ही इसका हक है. कानून के दुरुपयोग होने पर उसे खत्म नहीं किया जा सकता. मॉब लिंचिंग के लिए हत्या का कानून है और सजा भी हो रही है. मुस्लिम महिलाएं इस सदन की ओर आज उम्मीद से देख रहीं है और बिल को सभी मिलकर पारित करें.

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