नोएडा में बिना मान्यता के चल रहा स्कूल, बच्चों से करवाते हैं मजदूरी

संक्षेप:

  • नोएडा में चल रहा बिना मान्यता का स्कूल
  • पढ़ाई के नाम पर बच्चों से कुछ और ही कराया जा रहा था
  • बच्चों से पढ़ाई के नाम पर स्कूल की बेंच उठवाई जाती हैं

शिक्षा के मन्दिरों को अब शिक्षा माफियाओं ने पैसा कमाने की जरिया बना लिया है। जहां आपके नौनिहालों के भविष्य से खिलवाड़ किया जा रहा है। पैसे कमाने की होड़ में इन माफियाओं ने सारे नियमों को ताक पर रख अपनी साठ गांठ से स्कूल खोल तो लिए हैं। लेकिन वहां शिक्षा का दूर दूर तक कोई वास्ता नहीं है। माफिया इतने पर भी मान जाते तो गनीमत थी। लेकिन यहां तो पढ़ाई के नाम पर बच्चों से कुछ और ही कराया जा रहा था। अगर आपके बच्चे किसी स्कूल में पढ़ने जाते हैं तो सावधान हो जाइये कहीं ऐसा न हो आपका बच्चा स्कूल में मजदूरी कर रहा हो और जब आपका बच्चा स्कूल से पढ़ाई कर के बाहर निकले तो उसकी  शिक्षा की मान्यता ही न हो। दरअसल नोएडा के गेझा गांव मे स्थित न्यू नोएडा पब्लिक स्कूल बच्चों से पढ़ाई के नाम पर स्कूल की बेंच उठवाई जाती हैं।   इतना ही नहीं स्कूल को वैसे तो आठवीं का बताया गया। लेकिन पैसे कमाने के चक्कर में यहां 10वीं के बच्चों को भी पढ़ाया जा रहा है।

वहीं नोएडा के गेझा गांव के ही रहने वाले आर टी आई ऐक्टिविस्ट कपिल त्यागी ने जब सूचना विभाग से इसकी जानकारी मांगी तो उन्हें विभाग की तरफ से खानापूर्ति के लिए गुमराह करने वाला जवाब दे दिया गया। वहीं जब  गौतम बुद्ध नगर के बीएसए बाल मुकुंद से बात करने की कोशिश की तो उन्होंने मिलने से साफ मना कर दिया। वहीं मामला सामने आने के बाद नोएडा के सिटी मजिस्ट्रेट महेंद्र कुमार ने कहा की मामला उनके संज्ञान में है स्कूल की मान्यता की जांच पड़ताल के लिए संबंधित अधिकारी को निर्देश दे दिए गए हैं। यदि स्कूल के मानकों में कुछ भी कमी मिलती है तो स्कूल को बंद कराने की कार्रवाई की जाएगी।        

जब ऐसे स्कूलों से पढ़ कर  देश का भविष्य बाहर निकलेगा तो वो कैसा भविष्य क्या लिखेगा। बड़ा सवाल ये उठता है कि सभी मानकों को पूरा किये बिना इन स्कूलों को मान्यता कैसे मिल जाती है। किसी पीड़ित की शिकायत बाहर आने से पहले प्रशासन कहां सो रहा होता है। देखना ये होगा आने वाले दिनों में पैसे कमाने की दुकान बन चुके स्कूलों पर प्रशासन कैसे लगाम लगाता है।

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