अनोखी विदाई: शहीद की बहन की शादी में कमांडो दोस्तों ने दुल्हन के पांव के नीचे बिछा दी हथेली

संक्षेप:

  • शहीद की बहन की विदाई जवानों ने दुल्हन के पाव अपने हथेली पर लेकर की.
  • वायुसेना के अन्य गरुड़ कमांडो के हथेलियों पर पांव रखकर शहीद की बहन जब विदा हुई तो पूरा गांव गर्व से आह्लादित हो उठा.
  • शहीद जवान के 20 से अधिक गरुड़ कमांडो जो उनके मित्र थे, शादी में पहुंचकर भाई का फर्ज अदा किया.

रोहतास: दो साल पहले आतंकियों से मुठभेड़ में शहीद हुए रोहतास के अशोक चक्र विजेता वायु सेना के गरुड़ कमांडो `ज्योति प्रकाश निराला` की बहन की शादी में शहीदों के कमांडो मित्रों ने जो रस्म अदायगी की वह एक मिसाल बन गई. शहीद की बहन की विदाई जवानों ने दुल्हन के पाव अपने हथेली पर लेकर की. यह शादी कोई मामूली शादी नहीं है. यह जो आप तस्वीर देख रहे हैं यह अशोक चक्र विजेता शहीद गरुड़ कमांडो `ज्योति प्रकाश निराला` की बहन की शादी की है.

इस शादी में शहीद के दर्जनों मित्र शामिल हुए. अपने शहीद दोस्त की बहन की शादी में इन जवानों ने एक भाई का फर्ज निभाते हुए विदाई के समय दुल्हन के पांव को जमीन पर नहीं रखने दिया. जहां-जहां दुल्हन के पांव पड़ते थे, उससे पहले शहीद के मित्र जवानों ने अपने हथेली बिछा दी. वायुसेना के अन्य गरुड़ कमांडो के हथेलियों पर पांव रखकर शहीद की बहन जब विदा हुई तो पूरा गांव गर्व से आह्लादित हो उठा. शहीद की बहन दुल्हन शशिकला कहती है कि आज जब उसकी शादी हो रही थी, तो उसके भाई की कमी उसे महसूस नहीं होने दी गई. ऐसी गौरवमई विदाई पाकर दूल्हा सुजीत कुमार भी आह्लादित हैं.

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रोहतास के बादीलडीह के रहने वाले ज्योति प्रकाश निराला दो साल पूर्व 18 नवम्बर 2017 को जम्मू-कश्मीर में छह आतंकियों को मार कर खुद शहीद हो गए थे. मरणोपरांत राष्ट्रपति ने उन्हें अशोक चक्र से सम्मानित किया था. शहीद ज्योति प्रकाश तीन बहनों के अकेले भाई थे. जिनमें जब शशिकला की शादी हुई तो शहीद जवान के 20 से अधिक गरुड़ कमांडो जो उनके मित्र थे, शादी में पहुंचकर भाई का फर्ज अदा किया.

इन कमांडो ने शहीद की बहन की शादी का काफी खर्च भी उठाया. साथ ही शहीद की बहन को ऐसी विदाई दी, जो आसपास के इलाके के लिए मिसाल बन गई. शहीद के पिता को इस पर गर्व है. उसका बेटा आज उसके पास नहीं है, फिर भी उसके बेटे के दोस्तों ने भाई का फर्ज अदा कर उन्हें संतोष प्रदान किया है.

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