रात में उठकर अचानक चिल्लाने लगे लालू यादव, मेरा दम घुट रहा है, डॉक्टर को बुलाओ...

संक्षेप:

  • रांची के राजेन्द्र इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (ऱिम्स) में भर्ती आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद का रविवार सुबह अचानक से दम घुटने लगा.
  • वह चिल्लाने लगे,इसके बाद उनकी सेवा में लगे सेवादार ने इसकी तत्काल जानकारी डॉक्टर और नर्स को दी.
  • लालू प्रसाद की ब्लड प्रेशर की जांच की, जो सामान्य निकला. हालांकि, जांच में शुगर थोड़ा बढ़ा हुआ पाया गया.

रांची: रांची के राजेन्द्र इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (ऱिम्स) में भर्ती आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद का रविवार सुबह अचानक से दम घुटने लगा. वह चिल्लाने लगे. इसके बाद उनकी सेवा में लगे सेवादार ने इसकी तत्काल जानकारी डॉक्टर और नर्स को दी. सूचना मिलते ही डॉ. डीके झा पेइंग वार्ड में पहुंचे और लालू प्रसाद की ब्लड प्रेशर की जांच की, जो सामान्य निकला. हालांकि, जांच में शुगर थोड़ा बढ़ा हुआ पाया गया. दरअसल, रविवार सुबह बिजली गुल होने के कारण लालू प्रसाद अपने वार्ड में परेशान हो उठे. वह अचानक बिस्तर से उठे और सेवादार से दम घुटने की बात कर डॉक्टर को बुलाने को कहा. इसके बाद सेवादार ने इसकी जानकारी डॉक्टर और नर्स को दी. डॉ. डीके झा ने कहा कि एक घंटे से कमरे में बिजली नहीं थी. चूंकि कमरा पूरी तरह से बंद था, इसलिए हवा की कमी के कारण ऐसा हुआ. उन्हें कमरे से बाहर निकालकर खुले में आधे घंटे तक बिठाया गया, जिसके बाद उनकी हालत सामान्य हुई.

काफी देर से नहीं थी बिजली

ये भी पढ़े : राहुल ने किया चिदंबरम का बचाव, लिखा- सत्ता का गलत इस्तेमाल कर रही मोदी सरकार


लालू प्रसाद के सेवादार ने कहा कि वार्ड में एक घंटे से बिजली नहीं थी, जिसके कारण AC बंद था. कमरा बंद होने के कारण लालू यादव को सांस लेने में तकलीफ होने लगी. इसके बाद उन्हें कमरे से बाहर ले जाया गया, तब जाकर उन्हें अच्छा महसूस हुआ. बाद में रिम्स प्रशासन ने लालू प्रसाद के कमरे में जेनरेटर से कनेक्शन करवा दिया. उनका कमरा रिम्स के पेइंग वार्ड की पहली मंजिल पर है. पेइंग वार्ड में बिजली की वैकल्पिक व्यवस्था नहीं है. डॉक्टरों के मुताबिक लालू प्रसाद ने अब दोपहर का खाना शुरू कर दिया है. लोकसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद से वह दोपहर में ठीक से खा नहीं रहे थे. लोकसभा चुनाव में झारखंड में आरजेडी का सूपड़ा साफ हो गया. पार्टी दो सीटों पर चुनाव लड़ी थी. लालू प्रसाद चारा घोटले के मामले में सजा काट रहे हैं.

Your support to NYOOOZ will help us to continue create and publish news for and from smaller cities, which also need equal voice as much as citizens living in bigger cities have through mainstream media organizations.

Related Articles