गृह मंत्रालय का बड़ा फैसला, लालू प्रसाद यादव सहित घटाई कई नेताओं की सुरक्षा

संक्षेप:

  • केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कई नेताओं को केंद्रीय सूची (सीआरपीएफ सुरक्षा प्राप्‍त) से हटा दिया है
  • इसमें राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव, बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) सांसद सतीश चंद्र मिश्रा, यूपी बीजेपी के नेता संगीत सोम, बीजेपी सांसद राजीव प्रताप रूडी की सुरक्षा घटा दी गई है
  • यूपी सरकार के मंत्री सुरेश राणा, एलजेपी सांसद चिराग पासवान, पूर्व सांसद पप्पू यादव की सुरक्षा में भी कटौती की गई है.गृह मंत्रालय ने बड़े नेताओं को मिलने वाली सुरक्षा की समीक्षा के बाद ये फैसला लिया

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कई नेताओं को केंद्रीय सूची (सीआरपीएफ सुरक्षा प्राप्‍त) से हटा दिया है. इसमें राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव, बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) सांसद सतीश चंद्र मिश्रा, यूपी बीजेपी के नेता संगीत सोम, बीजेपी सांसद राजीव प्रताप रूडी की सुरक्षा घटा दी गई है. यूपी सरकार के मंत्री सुरेश राणा, एलजेपी सांसद चिराग पासवान, पूर्व सांसद पप्पू यादव की सुरक्षा में भी कटौती की गई है.गृह मंत्रालय ने बड़े नेताओं को मिलने वाली सुरक्षा की समीक्षा के बाद ये फैसला लिया. मंत्रालय के आदेश के बाद इन सभी नेताओं को अब सीआरपीएफ के जवानों की सुरक्षा नहीं दी जाएगी.

सेंट्रल लिस्ट से हटाए गए इन लोगों के नाम
गृह मंत्रालय ने इसके अलावा सेंट्रल लिस्ट से कुछ जाने-माने लोगों के नाम भी हटा लिए हैं. इनमें अखबार `पंजाब केसरी` के संपादक ए. के. मिन्हा और `आनंद बाजार पत्रिका` के संपादक अवीक सरकार शामिल हैं. मिन्हा को दिल्ली के सिवा पूरे देश में सीआरपीएफ कवर मिला हुआ था, जिसे हटाकर उन्हें Z श्रेणी की सुरक्षा दी जाएगी.

अखिलेश से छिनी ब्लैक कैट कमांडो सुरक्षा
इससे पहले उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को जेड प्लस श्रेणी के तहत मिली ब्लैक कैट कमांडो की सुरक्षा वापस लेने की भी सूचना मिली थी. सूत्रों के मुताबिक, केंद्रीय गृह मंत्रालय ने हाल ही में सीआरपीएफ के तहत सुरक्षा प्राप्त वीआईपी लोगों की सुरक्षा की व्यापक समीक्षा की. इसके बाद फैसला लिया गया कि सपा अध्यक्ष को दिया गया एनएसजी कवर वापस लिया जाए. हालांकि अभी इस पर फैसला नहीं हुआ है कि सुरक्षा हटाई जाएगी या घटाई जाएगी.

ये भी पढ़े : जंगल के जंगल साफ हो रहें, सरकार कह रही पेड़ तो लग रहे हैं


If You Like This Story, Support NYOOOZ

NYOOOZ SUPPORTER

NYOOOZ FRIEND

Your support to NYOOOZ will help us to continue create and publish news for and from smaller cities, which also need equal voice as much as citizens living in bigger cities have through mainstream media organizations.

Related Articles