बिहार: शिक्षक नियुक्ति में फर्जीवाड़ा, BDO और BEO पर लगा 30-30 हजार का जुर्माना

संक्षेप:

  • मुजफ्फरपुर में शिक्षक भर्ती घोटाले में कोर्ट के फैसले को नकारने और तथ्यहीन हलफनामा दाखिल कर हाई कोर्ट को भ्रमित करने का मामला उजागर हुआ है.
  • कोर्ट ने जिन शिक्षकों को हटा देने का आदेश वर्ष 2013 में दिया था, वे उच्चाधिकारियों की कृपा से मार्च 2019 तक वेतन लेने में कामयाब रहे. मामला मड़वन प्रखंड का है
  • अब कोर्ट ने मड़वन के पूर्व बीडीओ अमरेन्द्र पंडित और वर्तमान बीईओ पर तीस-तीस हजार रुपये का जुर्माना लगा दिया है.

मुजफ्फरपुर में शिक्षक भर्ती घोटाले में कोर्ट के फैसले को नकारने और तथ्यहीन हलफनामा दाखिल कर हाई कोर्ट को भ्रमित करने का मामला उजागर हुआ है. कोर्ट ने जिन शिक्षकों को हटा देने का आदेश वर्ष 2013 में दिया था, वे उच्चाधिकारियों की कृपा से मार्च 2019 तक वेतन लेने में कामयाब रहे. मामला मड़वन प्रखंड का है. अब कोर्ट ने मड़वन के पूर्व बीडीओ अमरेन्द्र पंडित और वर्तमान बीईओ पर तीस-तीस हजार रुपये का जुर्माना लगा दिया है.

बताया जा रहा है कि मड़वन प्रखंड में वर्ष 2008 की टीचर वैकेंसी पर काफी विवाद के बाद साल 2012 में 13 शिक्षकों की नियुक्ति हुई थी, लेकिन नियुक्ति से वंचित आवेदक अपीलीय प्राधिकार में चले गए. 26 अप्रैल 2013 को इन शिक्षकों की निुयक्ति को नियम विरुद्ध करार देकर रद्द कर दिया गया था.

प्राधिकार ने अपने आदेश में कहा कि सभी शिक्षकों का नियोजन रद्द करते हुए मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में फिर से नियुक्ति की जाए. लेकिन, नियोजन इकाई के तत्कालीन सचिव बीडीओ अमरेन्द्र पंडित और प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी ने इस आदेश पर अमल नहीं किया. विरोधी पक्ष हाई कोर्ट गए तो वहां भी निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखा गया.

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