बिहार: क्या सच में उल्कापिंड है आसमान से गिरा 15 किलो का पत्थर? जानिए क्या कहते हैं वैज्ञानिक

संक्षेप:

  • मधुबनी जिले के लौकही के महादेवा में आसमान से एक 15 किलो का पत्थर गिरा.
  • कहा जा रहा है कि ये एक उल्का पिंड है.
  • इसकी जांच के लिए नीतीश कुमार ने भू-गर्भ शास्त्री को बुलाया है.

पटना: सोमवार को मधुबनी जिले के लौकही के महादेवा में आसमान से एक 15 किलो का पत्थर गिरा. ये पत्थर चर्चा का विषय बना हुआ है. कहा जा रहा है कि ये एक उल्का पिंड है. ये काले रंग का पत्थर है और और इस पत्थर में लौह अयस्क मौजूद हैं, इसके पास चुम्बक लाने पर चुम्बक इसमें चिपक जाता है.

बिहार म्यूजियम में रखा गया उल्कापिंड

पत्थर को राजधानी स्थित मुख्यमंत्री आवास पर लाया गया है. मुख्यमंत्री ने पत्थर में मौजूद मैग्नेटिक पावर को परखा. इसकी जांच के लिए नीतीश कुमार ने भू-गर्भ शास्त्री को बुलाया है. उन्होंने कहा, जांच के बाद उल्का पिंड बिहार म्यूजियम में रखा जायेगा.

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5 किलोमीटर दूर तक सुनाई पड़ी थी उल्कापिंड गिरने की आवाज

बता दें उल्का पिंड गिरने की घटना सोमवार (22 जुलाई) को हुई. गांव के लोगों का दावा है कि ये पत्थर आसमान से गिरा हालांकि किसी ने इसे गिरते हुए नहीं देखा. जानकारी मिलने पर पुलिस इसे थाने ले गई. जिस खेत से पत्थर निकाला गया, वहां करीब तीन फीट का गड्ढा बन चुका था. स्थानीय लोगों का कहना है कि जब उल्का पिंड गिरा तो गिरने की आवाज पांच किलोमीटर दूर तक सुनाई दी थी.

बीआरए विवि के भौतिकी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ विजय कुमार के मुताबिक,

‘तस्वीरें देखने से उल्का पिंड एक आम पत्थर जैसा लग रहा है. ये एक मैग्नेटिक प्रॉपर्टी हो सकता है. आसमान में चार्ज के कारण बिजली चमकती है और इससे मैग्नेटिक प्रॉपर्टी नीचे आ सकती है. हालांकि एटमॉसफियर में इतनी हेवी बॉडी कहां से आई, ये जांच के बाद ही साफ होगा.’

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