बिहार में अब बेटों की खैर नहीं, माता-पिता की सेवा नहीं करने वाले जाएंगे जेल

संक्षेप:

  • नीतीश कैबिनेट का बड़ा फैसला
  • माता-पिता की सेवा नहीं करने वाले जाएंगे जेल
  • पुलवामा और कुपवाड़ा की आतंकवादी घटनाओं में शहीद बिहार के जवानों के आश्रितों को मिलेगी सरकारी नौकरी

लोकसभा इलेक्शन के बाद बिहार कैबिनेट की बैठक हुई जिसमें कई अहम निर्णय लिए गए और 17 एजेंडों को स्वीकृति प्रदान की गई. निर्णय में  नीतीश सरकार ने शराबबंदी और दहेजबंदी के बाद सामाजिक कुरीति दूर करने के लिए एक और बड़ा प्रयास किया है. मंगलवार को कैबिनेट बैठक में निर्णय लिया गया कि अब बच्चों के लिए माता-पिता की सेवा करना अनिवार्य होगा. माता-पिता की शिकायत पर सेवा नहीं करने वाले बच्चों को जेल भी जाना पड़ेगा. इसी के साथ बिहार कैबिनेट ने CM वृद्धा पेंशन योजना को अब राइट टू सर्विस एक्ट में शामिल करने का भी फैसला किया है.

यहां तक की कश्मीर में पुलवामा और कुपवाड़ा की आतंकवादी घटनाओं में शहीद बिहार के जवानों के आश्रितों को सरकारी नौकरी मिलेगी. बता दें कि पुलवामा हमले में भागलपुर के शहीद रतन कुमार ठाकुर और मसौढ़ी के संजय सिन्हा के साथ कुपवाड़ा हमले में शहीद बेगूसराय के पिंटू कुमार सिंह शहीद हो गए थे.

कैबिनेट ने राज्य खाद्य आयोग के सदस्यों के आवास भत्ता में संशोधन करने, आवास भत्ता में वृद्धि करने के साथ बिहार नगर और निवेशन सेवा नियमावली 2019 की स्वीकृति प्रदान की है. वित्तीय वर्ष 2019-20 में ऋण की उगाही के लिए योजना तैयार की गई है. इसके तहत कुल 25 हजार 750 .93 करोड़ रुपये की उगाही की जाएगा. वहीं  20 हजार 300 करोड़ रुपये की उगाही बाजार से की जाएगी.

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