RJD का बयान: नीतीश जी ने कैबिनेट विस्तार कर बिहार में ये संकेत दिया है!

संक्षेप:

  • कैबिनेट विस्तार पर राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) का बयान आया है.
  • आरजेडी प्रवक्ता मनोज झा ने कहा कि `पहले ही इस चुनाव में मुद्दे हार गए और मोदी जी की जीत हुई.
  • नीतीश जी ने एक शब्द का इस्तेमाल किया जो जाहिर है कि बीजेपी के लिए बोला गया.

पटना: बिहार में रविवार को नीतीश सरकार का कैबिनेट विस्तार हो गया. जेडीयू के 8 नेताओं को मंत्री बनाया गया है. कैबिनेट विस्तार पर राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) का बयान आया है. आरजेडी प्रवक्ता मनोज झा ने कहा कि `पहले ही इस चुनाव में मुद्दे हार गए और मोदी जी की जीत हुई. नीतीश जी ने एक शब्द का इस्तेमाल किया जो जाहिर है कि बीजेपी के लिए बोला गया. उन्होंने सांकेतिक हिस्सेदारी की बात की जबकि लोकतंत्र में हिस्सेदारी सांकेतिक नहीं होती बल्कि वास्तविक होती है. इससे मुख्यमंत्री जी ने बिहार में संकेत दे दिया है.`

आरजेडी की अगली तैयारी क्या होगी, इसके बारे में पार्टी प्रवक्ता मनोज झा ने कहा, `हमारे सामने प्राथमिकताएं बिल्कुल स्पष्ट हैं. हम चुनाव हारे हैं हौसला नहीं. इसलिए सामाजिक आधार के विस्तारीकरण और मुद्दों की फिर से वापसी के लिए गांव-गांव जाने की योजना बना रहे हैं. हमने चुनाव के मिजाज को समझा है जहां मुद्दे हार जाते हैं, इसलिए हमारी प्राथमिकता है मुद्दों को जिंदा करना. जो कुछ भी हो रहा है वह बीजेपी और जेडीयू का आंतरिक मामला है.`
गौरतलब है कि बिहार में नीतीश कुमार ने अपने मंत्रिमंडल का विस्तार कर दिया है. जेडीयू की ओर से रविवार को कुल आठ नए मंत्रियों को शपथ दिलाई गई. पूर्व मंत्री अशोक चौधरी और जेडीयू के नीरज कुमार को भी नीतीश मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है. राजभवन में आयोजित एक सादे समारोह में राज्यपाल लालजी टंडन ने जेडीयू कोटे से आठ मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई. इनमें पांच विधायक और तीन विधान परिषद के सदस्य हैं.

शपथ पाने वाले नए मंत्रियों में बीजेपी और लोक जनशक्ति पार्टी (एलजेपी) के विधायक या विधानपार्षद शामिल नहीं हैं. जेडीयू की ओर से श्याम रजक, बीमा भारती, अशोक चौधरी, रामसेवक सिंह को फिर से नीतीश मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है जबकि संजय झा, नरेंद्र नारायण यादव, लक्ष्मेश्वर राय और नीरज कुमार पहली बार मंत्रिमंडल में शामिल हुए हैं. शपथ ग्रहण के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार भी मौजूद थे.
मंत्रिमंडल में रविवार को शामिल अशोक चौधरी, संजय झा और नीरज कुमार जहां विधान पार्षद हैं, वहीं बाकी विधानसभा के सदस्य हैं. इस लोकसभा चुनाव में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मंत्रिमंडल के तीन सदस्यों के लोकसभा चुनाव जीतने के बाद मंत्रिमंडल विस्तार तय माना जा रहा था. लोकसभा चुनाव में नीतीश सरकार के जल संसाधन मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह मुंगेर लोकसभा क्षेत्र से, जबकि आपदा और लघु सिंचाई मंत्री दिनेश चंद्र यादव मधेपुरा से और पशु, मत्स्य संसाधन मंत्री पशुपति कुमार पारस हाजीपुर से जीत हासिल कर लोकसभा पहुंच गए हैं. इससे पहले, सृजन घोटाले में नाम आने के कारण मंजू वर्मा को समाज कल्याण मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था.

ये भी पढ़े : जनसंख्या विस्फोट क्या आर्थिक मंदी का कारण है?


बता दें कि केंद्रीय मंत्रिमंडल में जेडीयू के शामिल नहीं होने पर अब बिहार में सियासी पारा गर्म हो गया है. विपक्षी दल कांग्रेस और आरजेडी केंद्रीय मंत्रिमंडल में जेडीयू के शमिल नहीं होने को जहां बिहार का अपमान बता रहे हैं बल्कि आरजेडी ने तो मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) से बाहर निकल जाने की नसीहत दे डाली.

Your support to NYOOOZ will help us to continue create and publish news for and from smaller cities, which also need equal voice as much as citizens living in bigger cities have through mainstream media organizations.

Related Articles