कोरोना से मरने वालों की अंत्येष्टि का खर्चा उठाएगी राज्य सरकार: विकास आयुक्त

संक्षेप:

  • संक्रमितों की मृत्यु के बाद अंतिम संस्कार सरकारी खर्चे पर। 
  • जिला प्रशासन पर जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। 
  • कंटेन्मेंट जोन की संख्या बढ़ाई जाएगी। 

पटना। बुधवार को क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप की बैठक के बाद ऑनलाइन प्रेस कांफ्रेंस का आयोजन किया गया। जिसमें विकास आयुक्त आमीर सुबहानी ने यह जानकारी दी कि बिहार में कोरोना संक्रमितों की मृत्यु के बाद अंतिम संस्कार सरकारी खर्चे पर किया जाएगा। इसके साथ ही, कोविड निगेटिव लेकिन लक्षणों वाले मृत मरीजों का भी अंतिम संस्कार सरकारी खर्च पर होगा। 

जिला प्रशासन पर जिम्मेदारी सौंपी जाएगी

आमिर सुबहानी ने कहा कि जिला प्रशासन को इसके निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए नगर विकास विभाग और ग्रामीण विकास के पदाधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। नगरीय क्षेत्र में नगर विकास के पदाधिकारी और ग्रामीण क्षेत्र में बीडीओ इसके लिए प्रबंध करेंगे। 

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कंटेन्मेंट जोन की संख्या बढ़ाई जाएगी

उन्होंने कहा कि राज्य में संक्रमण के बढ़ने के साथ ही भारत सरकार के दिशानिर्देशों के अनुसार कंटेन्मेंट जोन की संख्या बढ़ाई जाएगी। इन कंटेन्मेंट जोन के निर्माण को लेकर जिला प्रशासन कार्य करेगा। आमिर सुबहानी ने कहा की राज्य में तीन लाख सक्रिय मरीजों का अनुमान करते हुए सभी अस्पतालों में बेड की संख्या बढ़ाई जाएगी। इसके साथ ही, ऑक्सीजन कंस्ट्रेटर, ऑक्सीजन बेड, वेंटिलेटर इत्यादि की सुविधा बढ़ायी जाएगी। उन्होंने बताया कि कोरोना जांच की संख्या को बढ़ाया जाएगा। इसके साथ ही सभी वेंटिलेटर को चालू करने का निर्देश दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रसाशन मिलकर कार्य करेंगे। आरटीपीसीआर मशीन की खरीद की जाएगी। रेमेडिसिवर, जरूरतमंद मरीजों को मिल जाये इसे भी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। सुबहानी ने बताया कि राज्य में एंबुलेंस की व्यवस्था किराए पर लेकर की जाएगी। ताकि मरीजों को परेशानी नही हो। 

डॉक्टरों और पैरा मेडिकल्स की एक वर्ष के लिये होगी बहाली

सुबहानी ने कहा कि तीन लाख कोरोना के सक्रिय मरीजों का ही अनुमान कर के राज्य में डॉक्टरों और पारा मेडिकल्स, नर्सेज, लैब टेक्नीशियन और अन्य कर्मियों की जरूरत के हिसाब से एक वर्ष के लिए बहाली संविदा के आधार पर की जाएगी। इन्हें एक वर्ष के कार्य अनुभव का प्रमाण पत्र भी दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों में एलोपैथिक, आयुष और डेंटल डॉक्टरों को भी शामिल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि डेंटल डॉक्टरों को भी सामान्य चिकित्सा की जानकारी दी जाती है। 

 

 

 


 

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