कभी गरीबी की वजह से कैंब्रिज में एडमिशन नहीं पाए थे आनंद, अब वहीं देंगे लेक्चर

संक्षेप:

  • आनंद कुमार 24 से 28 जून तक कैंब्रिज विश्वविद्यालय में आयोजित होने वाले यूके-एशिया शिखर सम्मेलन लेक्चर देंगे.
  • जहां वह अपने जीवन की प्रेरेणादायक किस्सों के बारे में बात करेंगे.
  • जिसके बाद उन्होंने साल 2002 में सुपर-30 की शुरुआत की.

पटना: साल 1994 में सुपर 30 के संस्थापक आनंद कुमार को उनकी काबिलियत को देखते हुए उन्हें कैंब्रिज यूनिवर्सिटी में एडमिशन के लिए बुलाया गया, लेकिन पिता की मृत्यु और तंग आर्थिक हालत के चलते उनका सपना साकार नहीं हो सका. लेकिन कहते हैं वक्त सबका एक जैसा नहीं होता है. वहीं अब वह कैंब्रिज यूनिवर्सिटी में वह लेक्चर देंगे.  आपको बता दें, आनंद कुमार 24 से 28 जून तक कैंब्रिज विश्वविद्यालय में आयोजित होने वाले यूके-एशिया शिखर सम्मेलन लेक्चर देंगे. जहां वह अपने जीवन की प्रेरेणादायक किस्सों के बारे में बात करेंगे. जिसके बाद उन्होंने साल 2002 में सुपर-30 की शुरुआत की.

आपको बता दें, सुपर-30 एक एजुकेशनल प्रोग्राम है, जहां 30 गरीब और होनहार बच्चों को मुफ्त में आईआईटी के लिए कोचिंग दी जाती है. बता दें, आनंद कुमार के भाई प्रणव कुमार जो सुपर 30 के संपूर्ण प्रबंधन की देखभाल करते हैं, वह उनके साथ कैंब्रिज यूनिवर्सिटी में हो रहे यूके-एशिया शिखर सम्मेलन में मौजूद रहेंगे.

आनंद का सपना कैंब्रिज में पढ़ाई करने का था. जिसके बाद उन्हें वहां एडमिशन भी मिल गया था, लेकिन उनके पिता के अचानक निधन के बाद उनके परिवार की खराब वित्तीय स्थिति हो गई थी. जिसके बाद उनके सपने चकनाचूर हो गए थे. आज उनकी ये बात लोगों के लिए प्रेरेणा बन गई है.  कार्यक्रम के आयोजक वरिष्ठ वैज्ञानिक शाह कामरानुर रहमान ने कहा ये बहुत अच्छा मौका है जब एक ऐसा स्टूडेंट अपनी कहानी लोगों को बताएगा जो कभी कैंब्रिज यूनिवर्सिटी में पढ़ने के सपने देखता था, लेकिन वह सपना पूरा न हो सका. वहीं आज वह कहानी से लोगों को प्रेरित करेंगें. इससे पहले, उन्हें यूएसए, टोक्यो यूनिवर्सिटी, जर्मनी और कनाडा की फेमस यूनिवर्सिटी जैसे एमआईटी, हार्वर्ड और स्टैनफोर्ड में लेक्चर देने का अवसर मिला था. जिसके बाद उन्हें दुनियाभर के मीडिया ने कवर किया था.

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