छत्तीसगढ़ के किसानों- आदिवासियों का बड़ा जत्था दिल्ली कूच, 21 नवंबर को संसद के बाहर प्रदर्शन

संक्षेप:

  • बड़ी संख्या में छत्तीसगढ़ के किसानों और आदिवासियों का एक जत्था दिल्ली कूच कर रहा है.
  • 21 नवंबर को छतीसगढ़ के किसान और आदिवासी संसद के बाहर देशव्यापी दिल्ली में देशव्यापी प्रतिरोध आंदोलन करेंगे.
  • वहां 21 नवंबर को संसद के बाहर होने वाले प्रदर्शन में शामिल होंगे. 

रायपुर: बड़ी संख्या में छत्तीसगढ़ के किसानों और आदिवासियों का एक जत्था दिल्ली कूच कर रहा है. 21 नवंबर को छतीसगढ़ के किसान और आदिवासी संसद के बाहर देशव्यापी दिल्ली में देशव्यापी प्रतिरोध आंदोलन करेंगे. वहां 21 नवंबर को संसद के बाहर होने वाले प्रदर्शन में शामिल होंगे। इस प्रदर्शन में देशभर से करीब एक लाख से अधिक आदिवासी और किसानों के शामिल होने की संभावना है।

छत्तीसगढ़ किसान सभा के अध्यक्ष संजय पराते और महासचिव ऋषि गुप्ता ने कहा है कि किसानों और आदिवासियों के देशव्यापी प्रतिरोध आंदोलन का नतीजा ही है कि वन कानून में प्रस्तावित खतरनाक आदिवासी विरोधी और वनाधिकार कानून विरोधी संशोधनों को मोदी सरकार को वापस लेना पड़ा है। लेकिन पर्यावरण के नाम पर आदिवासियों को जंगलों से विस्थापित करने और जल, जंगल, जमीन और खनिज को कॉर्पोरेटों को सौंपने की उसकी मंशा में अभी भी कोई बदलाव नहीं आया है।

इस वजह से वनाधिकार कानून, पेसा कानून और 5वीं अनुसूची के प्रावधानों को पूरी तरह सही मायनों में लागू करने और ग्राम सभा की सर्वोधाता को स्वीकृति देने के लिए आदिवासी समुदाय का संघर्ष जारी रहेगा।

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