इटली की पत्रकार बनारस पुलिस से नाराज़, एयर स्ट्राइक का सच बताया था इन्होंने

संक्षेप:

  • एयर स्ट्राइक में 170 आतंकवादियों के मारे जाने का दावा करने वाली इटली की पत्रकार फ्रांसेस्का मरीनो वाराणसी पुलिस से बेहद नाराज हैं.
  • फ्रांसेस्का ने वाराणसी पुलिस की कार्यशैली और उच्चाधिकारियों को कटघरे में खड़ा करते हुए गृह मंत्री अमित शाह और वस्त्र मंत्री स्मृति ईरानी को टैग कर एक के बाद एक दर्जन भर ट्वीट किए.
  • उन्होंने प्रकरण को गंभीरता से लेकर न्याय दिलाने की गुहार लगाई है.

वाराणसी: पाकिस्तान के बालाकोट में भारतीय वायु सेना की एयर स्ट्राइक में 170 आतंकवादियों के मारे जाने का दावा करने वाली इटली की पत्रकार फ्रांसेस्का मरीनो वाराणसी पुलिस से बेहद नाराज हैं. बुधवार की शाम फ्रांसेस्का ने वाराणसी पुलिस की कार्यशैली और उच्चाधिकारियों को कटघरे में खड़ा करते हुए गृह मंत्री अमित शाह और वस्त्र मंत्री स्मृति ईरानी को टैग कर एक के बाद एक दर्जन भर ट्वीट किए. उन्होंने प्रकरण को गंभीरता से लेकर न्याय दिलाने की गुहार लगाई है.

फ्रांसेस्का मरीनो ने बुधवार शाम 5:04 बजे पहला ट्वीट कर मदद मांगी. फ्रांसेस्का के अनुसार, उन्होंने बनारस के एक परिवार के दो बच्चों राम और संध्या को गोद लिया था और उन्हें इटली लेकर आईं. फ्रांसेस्का की असहमति के बाद भी राम ने बनारस में ही शादी की, मगर उसकी पत्नी ने इटली जाने से मना कर दिया. इसके कुछ दिनों बाद राम की पत्नी के परिजनों ने कहा कि दो लाख रुपये मिल जाएं तो वह तलाक दे देगी. इस पर भी बात नहीं बनी.

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युवती के परिवार वाले राम को लगातार परेशान कर और ज्यादा पैसा मांगने लगे तो उन्होंने भेलूपुर थाने में संपर्क किया. फ्रांसेस्का का आरोप है कि भेलूपुर थाने की पुलिस मामले को खत्म कराने के लिए राम से पैसा मांगने लगी. इसके साथ ही राम और उसके करीबियों से पुलिस ने काफी दुर्व्यवहार किया. इस पूरे प्रकरण से राम काफी दुखी हैं. एसएसपी के पास प्रकरण गया तो उन्होंने भी राम की पत्नी और उसके परिजनों का ही पक्ष लिया। पुलिस ऐसा कर रही है तो आखिरकार किससे मदद मांगी जाए. एसएसपी आनंद कुलकर्णी ने कहा कि ऐसा कोई प्रकरण हमारे पास नहीं आया था. महिला का ट्वीट देख उनको ट्वीट कर कहा गया है कि वह हमारे सीयूजी नंबर पर संपर्क करें या किसी को ऑफिस भेज दें तो प्रकरण की सुनवाई कर उचित कार्रवाई कराई जाए.

कौन हैं फ्रांसेस्का मरीनो

फ्रांसेस्का मरीनो 2010 में लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक और जमात-उद-दावा से संबंधित आतंकी हाफिज सईद का साक्षात्कार लेकर सुर्खियों में आई थी. इसके बाद उन्होंने किताब लिखकर बताया था कि पाकिस्तान खतरनाक आतंकियों को पनाह दे रहा है. इस किताब के प्रकाशित होने के बाद पाकिस्तान ने फ्रांसेस्का मरीनो पर प्रतिबंध लगाकर उन्हें देश छोड़ कर जाने को कह दिया था.

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