महंगाई पर भारी थे अटल, अपने कार्यकाल में किए सबसे सस्‍ते होम लोन

संक्षेप:

  • शाम 4 बजे होगा अटल बिहारी वाजेपयी का अंतिम संस्कार
  • उनके कार्यकाल में देश में हाउसिंग लोन की ब्‍याज दरें सबसे कम थीं
  • सबसे बड़ा कारण महंगाई की दर का काबू में रहना था

देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजेपयी अब हमारे बीच नहीं रहे। अटल बिहारी वाजपेयी आज पंचतत्व में विलीन हो जाएंगे। शाम 4 बजे राष्ट्रीय स्मृति स्थल पर उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। अटल ने बतौर प्रधानमंत्री अपने कार्यकाल को एक बेहतर तरीके से संभाला। अटल बिहारी वाजपेयी जब तीसरी बार प्रधानमंत्री बने तो उनकी सरकार ने अपना कार्यकाल पूरा किया था। उनके इसी दौर में यानी 2003 से 2004 के दौरान देश में हाउसिंग लोन की ब्‍याज दरें सबसे कम थीं।

यह उनकी नीतियों का परिणाम था कि उस दौरान बैंकों अपनी ब्‍याज दरें कम रख पाए। ऐसा होने का सबसे बड़ा कारण महंगाई की दर का काबू में रहना था, जिसस भारतीय रिजर्व बैंक अपने की रेट्स कम रख पाया। देश में होम लोन देने का आर्गनाइज तरीका पहली बार 1978 में सामने आया था। उसके बाद से इस स्‍पेस में अब बैंकों के अलावा अन्‍य कंपनियां सामने आ गई हैं। वर्ष 2004 के दौरान देश में महंगाई की औसत दर 3.77 फीसदी थी। महंगाई की यह दर इस समय औसतन 4.5 फीसदी के आसपास है।

हिस्‍ट्री ऑफ होम लोन रेट

ये भी पढ़े : सलमान खुर्शीद बोले- चुनाव जीतना तो दूर, कांग्रेस अपना भविष्य तक नहीं कर सकती तय


1983-84 के दौरान औसतन 12% रहीं ब्‍याज दरें।

1993-94 के दौरान औसतन 14% रहीं ब्‍याज दरें।

2003-04 के दौरान औसतन 7.7-8 % रही ब्‍याज दरें।

2013-14 के दौरान औसतन 10.25% रही ब्‍याज दरें।

अगस्त-2018 में एसबीआई की 8.5% है ब्‍याज दर।

भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का पार्थिव शरीर दीन दयाल उपाध्याय स्थित बीजेपी मुख्यालय में अंतिम दर्शन के लिए रखा गया है। वहां पर हजारों की संख्या में लोग पहुंचकर उनके अंतिम दर्शन कर रहे हैं। बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने बताया कि उनका अंतिम संस्कार चार बजे नई दिल्ली में राष्ट्रीय स्मृति स्थल पर किया जाएगा।

If You Like This Story, Support NYOOOZ

NYOOOZ SUPPORTER

NYOOOZ FRIEND

Your support to NYOOOZ will help us to continue create and publish news for and from smaller cities, which also need equal voice as much as citizens living in bigger cities have through mainstream media organizations.

अन्य वाराणसी ताजा समाचार पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें | देशभर की सारी ताज़ा खबरें
हिंदी में पढ़ने के लिए NYOOOZ HINDI को सब्सक्राइब करें |

Related Articles