अब पूर्व सैनिक गंगा के घाट पर करेंगे पेट्रोलिंग, ये है बड़ा कारण

संक्षेप:

  • भारतीय सेना के कई अधिकारी और कर्मचारी भी शामिल होंगे
  • जो लोग गंगा में गंदगी फेंकते हैं उन्हें रोकेंगे पूर्व सैनिक
  • सभी पूर्व सैनिक गंगा के घाट पर पेट्रोलिंग करेंगे

अब गंगा की सफाई करने की जिम्मेदारी 532 बटालियन के पूर्व सैनिकों ने ली है। जिसके लिए गंगा टास्क फोर्स के नाम से एक टीम बनाई गई है। जो गंगा में कूड़ा-कचरा फेंकने से रोकने के लिए लोगों को जागरूक करेंगें और इस तरह वो तीन साल तक पर काम करेंगे। आपको बता दें कि इस `गंगा टास्क फोर्स` में भारतीय सेना के कई अधिकारी और कर्मचारी भी शामिल होंगे। हालांकि इसकी शुरुआत में 200 कर्मा शामिल होंगे

आपको बताते चलें की ये सभी पूर्व सैनिक गंगा के घाट पर पेट्रोलिंग करेंगे और जो लोग गंगा में गंदगी फेंकते हैं उन्हें रोकेंगे। सेना के ये जवान वाराणसी, कानपुर और इलाहाबाद में तैनात किए जाएंगे। भारतीय सेना की ये टुकड़ी अगले तीन साल तक इस मिशन पर काम करेगी। स्वच्छ गंगा राष्ट्रीय मिशन के महानिदेशक राजीव रंजन मिश्रा ने बताया कि पूर्व सैनिकों को इसमे शामिल करना काफी अहम फैसला है, ये फैसले उनकी भूमिका पर विचार करने के बाद लिया गया है। वहीं स्वच्छ गंगा राष्ट्रीय मिशन के महानिदेशक राजीव रंजन मिश्रा ने बताया कि वे स्वच्छ गंगा मिशन के तहत जिला समितियों के साथ काम करेंगे. गंगा का काम शहरी विकास मंत्रालय, ग्रामीण विकास मंत्रालय, स्वच्छता और पेयजल मंत्रालय और पर्यावरण मंत्रालय जैसे अलग-अलग विभाग से भी जुड़ा है, लिहाजा टास्कफोर्स में भी इनकी भागीदारी होगी। इसके साथ ही गंगा टास्क फोर्स में भारतीय सेना के 9 अधिकारी शामिल हैं, जबकि 29 जेसीओ भी इसमे हिस्सा ले रहे हैं। इस तरह से गंगा को स्वच्छ और शुद्ध रखने की कोशिश की जा रही है। 

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