बनारस की बहु अंशुलाकांत बनीं World Bank की MD, ये है SBI से World Bank तक का सफर

संक्षेप:

  • काशी की बहू अंशुलाकांत विश्व बैंक के प्रबंध निदेशक और मुख्य वित्त अधिकारी के पद की कमान संभालेंगी.
  • SBI की एमडी भी बनी थीं अंशुलकांत.
  • दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से की हैं एमए.

वाराणसी: काशी की बहू अंशुलाकांत विश्व बैंक के प्रबंध निदेशक और मुख्य वित्त अधिकारी के पद की कमान संभालेंगी. रथयात्रा निवासी सीए संजयकांत की पत्नी अंशुला ने बनारस में एसबीआई मुख्य शाखा सहित करीब दर्जन भर शाखाओं में 1984 से 2002 तक प्रोबेशनरी आफिसर से लेकर चीफ मैनेजर तक जिम्मेदारियों का निर्वहन किया. बाद में वह एसबीआई की एमडी बनीं.

दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से की हैं एमए

तत्कालीन रुड़की यूनिवर्सिटी के पूर्व कुलपति डॉ भरत सिंह की सुपुत्री अंशुला शुरू से ही मेधावी रहीं. रुड़की में स्कूली शिक्षा के बाद उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी के लेडी श्रीराम कॉलेज में बीए आनर्स (इकोनामिक्स) किया. उनके पति संजयकांत ने बताया कि वर्तमान में एसबीआई के एमडी पद पर अंशुला अब इस नई जिम्मेदारी का निर्वहन करेंगी.

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सिंगापुर में बढ़ाया SBI का कारोबार

संजयकांत के मुताबिक विश्व बैंक में वह जोखिम प्रबंधन का काम देखेंगी और इसकी रिपोर्ट विश्व बैंक के अध्यक्ष को भी देंगी. 2005 में सिंगापुर में एसबीआई को स्थापित करने की जिम्मेदारियों का भी अंशुला ने बखूबी निर्वहन किया. अंशुलाकांत की इस उपलब्धि पर बैंक से जुड़े अधिकारियों-कर्मचारियों और शहर के लोगों ने खुशी जताई है. सबने कहा, यह हमारे लिए गौरव का विषय है.

पत्नी की उपलब्धि पर पति को गर्व

अंशुलाकांत के पति संजयकांत ने कहा कि पत्नी की इस उपलब्धि पर ना केवल मुझे बल्कि पूरे परिवार और रिश्तेदारों व परिचितों को गर्व है. गंगा, बाबा विश्वनाथ के अलावा गंगा आरती आदि से उनका काफी जुड़ाव है, दर्शन पूजन के अलावा बनारस घरानों के संगीत से गहरा लगाव है. यहां के संगीतकारों को खाली समय में सुनती हैं. कई बार हम लोगों के बीच विभिन्न मुद्दों पर डिबेट होती है. कभी वे जीत जाती हैं तो कभी मैं जीत जाता हूं.

SBI की एमडी भी बनी थीं अंशुलकांत

संजयकांत ने कहा कि दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनामिक्स से एमए करने के बाद उनकी एसबीआई में 1983 में प्रोबेशनरी ऑफिसर के पद पर तैनाती हुई. मुरादाबाद, लखनऊ में सेवा देने के बाद अंशुला 1984 में बनारस आईं. यहां एसबीआई मुख्य शाखा के साथ ही जगतपुर, सिंधौरा बाजार सहित अन्य शाखाओं में तैनात रहीं. बाद में वो एसबीआई की एमडी भी बनीं. उन्होंने बताया कि उनका संगीत से भी बेहद जुड़ाव है. दो माह पहले ही वो बनारस आई थीं. अगस्त में फिर आएंगी.

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