महाशिवरात्रि स्पेशल: प्रयागराज के प्रमुख शिव मंदिर जहां कुंभ स्नान के बाद दर्शन करने जरूर जाएं

संक्षेप:

  • प्रयागराज के प्रमुख शिव मंदिर,कुंभ स्नान के बाद दर्शन करने जरूर जाएं
  • मानामेश्वर मंदिर, शंकर विमान मंडपम्, सोमेश्वर मंदिर प्राचीन शिव मंदिर हैं
  • शिवरात्री के मौके पर दर्शन करने जरूर जाएँ
     

इस महा कुंभ के आखिरी दिन यानी 4 मार्च 2019 को पड़ रहा है महा शिवरात्री का पर्व. इस शिवरात्री अगर आप कुंभ में हैं या कुंभ स्नान के लिए जा रहे हैं तो  प्रयागराज में संगम के अलावा भी कई ऐसे प्राचीन शिव मंदिर हैं, जिनके दर्शन आपको जरूर करने चाहिए. प्रयागराज को तीर्थराज के नाम से भी जाना जाता है. यहां के तीर्थ स्थल उंगलियों पर गिनने मुश्किल हैं लेकिन कुछ ऐसे स्थल हैं जहां आपको जरूर जाना चाहिए.  प्राचीन संगम नगरी है तो जाहिर हैं यहां के मंदिर और अन्य तीर्थ स्थल भी उतने ही पुराने होंगे.  यहां के मंदिर की प्राचीनता और महातम को अगर आपको समझना है तो यहां आना होगा. आइए प्रयागराज के कुछ महत्वपूर्ण मंदिरों के बारे में जानें जहां जाना जरूर चाहिए अगर आप शिवरात्री के मौके पर वहाँ गए हैं तो:

  • मानामेश्वर मंदिर

यमुना किनारे भगवान शिव के मानामेश्वर मंदिर हजारों साल पुराना है इस मंदिर का उल्लेख पुराणों में भी किया गया है. मंदिर के बारे में ऐसी मान्यता है कि सावन माह के हर सोमवार को जहां जलाभिषेक और पूजा अर्चना करने से श्रद्धालुओं की हर मनोकामना पूर्ण होती है और मनोवांछित फल मिलता है.

  • शंकर विमान मंडपम्

यहां दक्षिण शैली में बना 130 फुट ऊंचा शंकर विमान मंडपम् मंदिर भी बहुत प्रसिद्ध है. ऐसी मान्यता है कि आदि गुरू शंकराचार्य से प्रसिद्ध दर्शनशास्त्री कुमारिल भट्ट की मुलाकात यहीं हुई थी. इसी भेंट को अमर करने के लिए इस मंदिर को बनाया गया.

  • सोमेश्वर मंदिर

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तीर्थराज प्रयाग के यमुना तट पर स्थित प्राचीन भगवान शिव का सोमेश्वर नाथ मंदिर भी है. सोमेश्वर नाथ भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है. ऐसी मान्यता है कि भगवान शंकर के कहने पर चंद्रमा ने यहां भगवान शिव की स्थापना की थी इसके अलावा मंदिर को लेकर एक मान्यता यह भी है कि इस मंदिर के आस पास अमृत की वर्षा होती है और मंदिर पर विराजित त्रिशूल की दिशा भी चन्दमा के साथ बदलती है.

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