मुन्ना बजरंगी ने वाराणसी के इस शख्स पर चलवायी थी एके 47

संक्षेप:

  • बागपत जेल में डॉन मुन्ना बजरंगी की गोली मारकर हत्या
  • एक के बाद एक करीब 8 से 10 गोलियां चलाई गई
  • वाराणसी के राजेन्‍द्र पर बजरंगी ने चलवाई थी 18 गोलियां

वाराणसीः बागपत जेल में डॉन मुन्ना बजरंगी की गोली मारकर हत्या कर दी गई। एक के बाद एक करीब 8 से 10 गोलियां चलाई गई। जेल सिक्योरिटी जैसे ही मौके पर पहुंची, तो देखा फर्श पर एक कैदी की लाश खून से लथपथ हालत में पड़ी थी। हत्या का आरोप सुनील राठी पर लगा है, जिसके चलते सुनील राठी के खिलाफ हत्या का केस दर्ज लिया है और पूछताछ कर रही है।  

यूपी के जौनपुर जिले में जन्मे मुन्ना बजरंगी का असली नाम प्रेम प्रकाश सिंह है। डॉन मुन्ना बजरंगी पर 40 से ज्यादा हत्या करने का आरोप है। कई अपराधों को अंजाम देने वाले मुन्‍ना बजरंगी ने वाराणसी में पहली बार एके 47 चलवायी थी। जानकारी के मुताबिक, 6 अप्रैल 1997 में नरिया में मुन्‍ना बजरंगी ने एके 47 से ताबड़तोड़ गोलियां बरसा कर महात्‍मा गांधी काशी विद्यापीठ के तत्‍कालीन छात्रसंघ अध्‍यक्ष रामप्रकाश पांडेय, पूर्व छात्रसंघ अध्‍यक्ष सुनील राय, भोनू मल्‍लाह समेत चार लोगों की हत्‍या कर दी थी।

सभी लोग मारुती कार से बीएचयू अस्‍पताल में भर्ती पूर्व विधायक सत्‍यप्रकाश सोनकर को देखकर वापस लौट रहे थे, तभी नरिया स्थित जैन लॉज के पास पांच-छह की संख्‍या आये हमलावरों ने तकरीबन डेढ़ सौ गोलियां बरसायी थीं। इस हत्‍याकांड के चश्मदीद गवाह और सुनील राय के संग गाड़ी में बैठे आचार्य पंडित राजेंद्र त्रिवेदी को भी उस घटना में 18 गोलियां लगी थीं।

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एक महीने तक राजेन्‍द्र त्रिवेदी का इलाज वाराणसी के सर सुंदरलाल चिकित्सालय में हुआ, जहां उन्‍होंने जिंदगी और मौत से जंग लड़ते हुए खुद को अदम्‍य साहस के बल पर बचा लिया था। राजेन्‍द्र त्रिवेदी ने उस दिन की घटना को याद करते हुए विस्तार से बताया है। उन्‍होंने कहा कि जो लोग इस तरह निर्दोष लोगों की निर्मम हत्‍या में शामिल थे उन्‍हें भगवान ने दंड दे दिया है।

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