20 लाख तक की ग्रेच्युटी पर नो टैक्स, केंद्र के फैसले का काशी के लोगों ने किया स्वागत

  •  20 लाख तक की ग्रेच्युटी पर नो टैक्स, केंद्र के फैसले का काशी के लोगों ने किया स्वागत

    संक्षेप:

    • पेमेंट ऑफ़ ग्रेच्युटी  बिल में संसोधन से कॉरपोरेट कर्मचारियों में ख़ुशी
    • सरकारी कर्मचारियों को ग्रेच्युटी पर कोई टैक्स नहीं देना होता
    • गैर-सरकारी कर्मचारियों को रिटायरमेंट पर मिलने वाली ग्रेच्युटी की 10 लाख रुपये तक की राशि पर कोई टैक्स नहीं लगता

    केंद्र सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों और कारपोरेट कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर है। केंद्र सरकार ने पेमेंट ऑफ ग्रेच्युटी (संशोधन) बिल, 2017 कानून में प्रस्तावित संसोधन बिल पर कैबिनेट ने मुहर लगा दी है।  इस कानून के तहत कॉरपोरेट कर्मचारियों के ग्रेच्युटी टैक्स छूट सीमा को दो गुना कर दिया है यानी अब कॉरपोरेट कर्मचारियों को ग्रेच्युटी 10 लाख की बजाय 20 लाख तक टैक्स फ्री होगी। बता दें, की रिटायरमेंट के बाद नियोक्ता की ओर से एंप्लॉयी को ग्रैच्युटी की रकम दी जाती है अभी तक 10 लाख रूपये तक की ग्रेच्युटी के बाद कॉरपोरेट कर्मचारियों को टैक्स देना होता था लेकिन अब ये सीम 20 लाख रुपय कर दी गयी है। पेमेंट ऑफ़ ग्रेच्युटी  बिल में संसोधन से कॉरपोरेट कर्मचारियों में ख़ुशी देखने को मिल रही है।  

     बता दें, मौजूदा ग्रेच्युटी भुगतान एक्ट 1972 के तहत सरकारी कर्मचारियों को मिलने वाली ग्रेच्युटी की राशि पर टैक्स में छूट मिलती है यानी सरकारी कर्मचारियों को ग्रेच्युटी पर कोई टैक्स नहीं देना होता दूसरी तरफ गैर-सरकारी कर्मचारियों को रिटायरमेंट पर मिलने वाली ग्रेच्युटी की 10 लाख रुपये तक की राशि पर कोई टैक्स नहीं लगता है।  लेकिन इसके बाद टैक्स चुकाना होता है। 10 या उससे अधिक कर्मचारियों की संख्या वाले संस्थानों पर ग्रेच्युटी ऐक्ट लागू होता है।  

    वाराणसी के केनरा बैंक में काम करने वाले अरुण ओझा ने NYOOOZ  अनौपचारिक  बातचीत में बताया की सरकार के इस फैसले के बाद केंद्रीय कैमचारी और कॉर्पोरेट कर्मचारी को बराबरी का हक मिला है सरकार का ये फैसला काबिले तारीफ़ है। 

    निजी कंपनी में काम करने वाले नवीन कुमार ने बताया की सरकार ने कॉरर्पोरेट कर्मचारियों के ग्रेच्युटी को 20 लाख रूपय तक टैक्स फ्री कर कॉरपोरेट कर्मचारियों को बड़ी राहत दी है।  

    वहीं बैंक मैनेजर बी के महापात्रा ने NYOOOZ से बातचीत में केंद्र सरकार के फैसले का स्वागत किया।  बी की महापात्रा ने कहा की सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों और कॉर्पोरेट कर्मचारियों के बीच की एक खाई को खत्म कर दिया है उम्मीद है की सरकार आगे भी इस तरह के ऐतिहासिक कदम उठाती रहेगी।  

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    न्यूज़ सोर्स: NYOOOZ HINDI