सोनभद्र जिले के उभ्भा कांड के मृतकों के प्रति शोक संवेदना और घायलों का हाल जानने के लिए गांव पहुंची कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी कई लोगों के घरों में गईं

मृतक अशोक के घर पहुंचने पर उसकी पत्नी लालदेई ने जब उन्हें चिरौंजी और चीनी भेंट की तो प्रियंका भावुक हो गईं।

उन्होंने लालदेई के परिजनों को मिलने के लिए दिल्ली आने को कहा। उन्होंने मृतकों के परिजनों का हाल जाना।

उनके लौटने के बाद उभ्भा निवासी मूर्तिया के पूर्व ग्राम प्रधान बहादुर सिंह गोंड़ ने बताया कि 39 साल पहले उनके दादा गंभीर सिंह गोंड़ उर्फ लाट सिंह ने घुवास गांव में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को चिरौंजी भेंट की थी, जिसे इंदिरा गांधी ने प्रसन्नता पूर्वक स्वीकार किया था। ये भी पढ़ें : पत्रकार के साथ बदसलूकी करने वाले प्रियंका गांधी के सचिव संदीप सिंह पर एफआईआर दर्ज बहादुर सिंह गोंड़ ने बताया कि सन 1980 में जब तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी उभ्भा से मात्र सात किमी दूर घुवास गांव आईं थीं तो उनके दादा गंभीर सिंह गोंड़ उनसे मिलने पहुंचे थे।

वहां पुलिस ने गंभीर सिंह को इंदिरा गांधी के पास जाने से रोक दिया तो वह पुलिस पर बिगड़ पड़े और कहा कि हमके अपने माई से मिले के बाए, काहे हमके रोकत हउवे, हमई जाई दे। इसके बाद जब इंदिरा गांधी की निगाह उन पर पड़ी तो उन्होंने सुरक्षा कर्मियों से कहा कि बुढ़ऊ को उनके पास आने दो।

गंभीर सिंह गमछे में चिरौंजी बांधकर वहां पहुंचे।

वहां उन्होंने गमछे में बंधी हुई चिरौंजी की पोटली खोलकर इंदिरा गांधी को उपहार के तौर पर देते हुए कहा कि ल माई ई जंगल क परसाद चिरौंजी हवै।

इहां हम अपने माई से मिलई बदे अउर चिरौंजी देई बदे आई हई, लेकिन ई खाकी बर्दी वाले लोगन हमके रोकत रहेन।

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