अब वाराणसी में प्रियंका गांधी से मांगे जा रहे हैं हिंदू होने के सबूत, जानिए क्या है पूरा मामला?

संक्षेप:

  • प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) के मंदिर में एंट्री को हिंदू धर्म पर कुठाराघात बताया जा रहा है
  • वाराणसी की कोर्ट में याचिका दायर कर कहा गया है कि मंदिर के गर्भ गृह में ईसाई महिला से पूजन कराना अपराध है
  • ईसाई महिला से पूजन करा कर ज्योतिर्लिंग की पौराणिक और धार्मिक मान्यता को खंडित किया गया है

वाराणसी: काशी विश्वनाथ मंदिर(Vishwanath Mandir) में प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi)के प्रवेश के बाद सियासत गरमाने लगी है. प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) के मंदिर में एंट्री को हिंदू धर्म पर कुठाराघात बताया जा रहा है. वाराणसी की कोर्ट में याचिका दायर कर कहा गया है कि मंदिर के गर्भ गृह में ईसाई महिला से पूजन कराना अपराध है. ईसाई महिला से पूजन करा कर ज्योतिर्लिंग की पौराणिक और धार्मिक मान्यता को खंडित किया गया है.

12 अप्रैल को कोर्ट ने मांगी है रिपोर्ट

बता दें कि अधिवक्ता कमलेश चंद्र त्रिपाठी ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट जेपी यादव की अदालत में यह याचिका दायर की है. इसमें कहा गया है कि हिंदू धर्म पर कुठाराघात किया गया, जो अपराध की श्रेणी में आता है. अदालत से पुजारी राजन तिवारी और प्रियंका गांधी वाड्रा(Priyanka Gandhi) के खिलाफ केस दर्ज करने का आदेश देने की गुहार लगाई गई है. कोर्ट में दाखिल इस अर्जी पर अदालत ने चौक थाने से 12 अप्रैल को रिपोर्ट तलब की है.

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अधिवक्‍ता कमलेश चंद्र त्रिपाठी ने प्रियंका (Priyanka Gandhi)  के वाराणसी आने से पहले ही उन्‍हें ईसाई बताते हुए विश्‍वनाथ मंदिर (Vishwanath Mandir) के गर्भगृह में प्रवेश करने से रोकने की अर्जी डीएम के माध्‍यम से मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ को भेजी थी. इसके बाद प्रियंका ने 20 मार्च को मंदिर में विधिवित दर्शन पूजन किया था. अब इस मामले को लेकर उन्होंने अदालत का दरवाजा खटखटाया है.

हिंदू होने का हलफनामा दें प्रियंका गांधी- गंगा महासभा

गंगा महासभा के राष्‍ट्रीय महामंत्री स्‍वामी जीतेन्‍द्रानंद ने भी प्रियंका के विश्‍वनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन कार्यक्रम का विरोध किया है. उनका कहना है कि सभी बारह ज्‍यातिर्लिंगों में गैर हिंदू धर्म के लोगों का प्रवेश वर्जित है. प्रियंका गांधी की आस्‍था हिंदू धर्म में है तो उन्‍हें खुद के हिंदू होने की शपथ हलफनामे के रूप में लिखकर देनी चाहिए. तभी उन्‍हें मंदिर में प्रवेश दिया जाना चाहिए. वहीं, पातालपुरी मठ के पीठाधीश्‍वर बालक दास ने भी प्रियंका के मंदिर में दर्शन-पूजन पर आपत्ति जताई है. उन्होंने कहा कि यह नरेंद्र मोदी का खौफ है, जो गांधी परिवार को मंदिर-मंदिर जाने पर मजबूर कर रहा है.

सवाल खड़े करने वालों से सवाल

शंकराचार्य स्‍वामी स्‍वरूपानंद सरस्‍वती के प्रतिनिधि स्‍वामी अविमुक्‍तेश्‍वरानंद ने प्रियंका (Priyanka Gandhi) को दर्शन-पूजन से रोकने की मांग करने वालों से सवाल किया कि जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने विदेशी दोस्‍तों को लेकर मंदिर में जाते हैं, तब कोई धर्म क्‍यों नही पूछता है? उन्‍होंने कहा कि प्रयागराज में अखाड़ा परिषद के अध्‍यक्ष ने प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) के साथ स्‍वयं खड़े होकर आरती कराई है. उन्‍होंने तो प्रियंका के धर्म पर आपत्ति नहीं की.

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