महंत नरेंद्र गिरी के मौत से संत समाज सन्न, घटना को बताया स्तब्धकारी

संक्षेप:

  • महंत नरेंद्र गिरी के निधन से संत समाज में शोक
  • अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष थे नरेंद्र गिरी
  • वाराणसी संत समाज ने की जांच की मांग

वाराणसी- अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि के आकस्मिक निधन से काशी का संत समाज भी मर्माहत है। काशी के अखाड़ों और मंदिरों में शोक की लहर है। काशी के विद्वत समाज, संत समाज और मठ-मंदिर प्रमुखों ने भी शोक जताते हुए घटना को स्तब्धकारी और सनातन समाज के लिए अपूरणीय क्षति बताया है। कहा कि वह आत्महत्या करने वाले संत नहीं थे और घटना से बड़ी साजिश की बू आ रही है। मठ-मंदिरों में उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना भी हुई। 

अखिल भारतीय संत समाज के राष्ट्रीय महामंत्री स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती ने कहा कि अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष नरेंद्र गिरि की आकस्मिक मौत कई सवाल खड़े करती है। वह आत्महत्या करने वाले व्यक्ति नहीं थे। इसके पीछे बहुत बड़ी साजिश है। हम सीएम योगी आदित्यनाथ से मांग करते हैं है कि  पूरे मामले की जांच कराएं। 

धर्मसंघ के पीठाधीश्वर शंकर देव चैतन्य ब्रह्मचारी ने कहा कि धर्मसंघ से उनका निकट संबंध था। जब भी उनकी आवश्यकता धर्मसंघ को हुई वे हर वक्त उपलब्ध रहे। परमात्मा उनको अपने श्री चरणों में स्थान दें। यह संत समाज के साथ मेरी व्यक्तिगत क्षति है।

ये भी पढ़े : Corona Updated: उत्तराखंड में कोरोना के मिले छह नए मरीज़, 175 हुई सक्रिय मरीजों की संख्या


वहीं महामंत्री पं. जगजीतन पांडेय ने कहा कि सनातन धर्म के मजबूत स्तंभ रहे महंत नरेंद्र गिरी धर्मसम्राट स्वामी करपात्री महाराज के सिद्धांतों का ना सिर्फ अनुसरण करते थे अपितु औरों को प्रेरित भी करते रहे। धर्मसंघ परिवार उनके आकस्मिक देहत्याग से काफी मर्माहत है।

महामंत्री प्रो. द्विवेदी ने कहा कि इस घटना का जुड़ाव पिछली वारदातों से हो सकता है। जुलाई महीने में मुख्यमंत्री से मिलकर लखनऊ से लौटते वक्त हाईवे पर उनकी इनोवा का दुर्घटनाग्रस्त होना, पूर्व महंत सचिव महंत आशीष गिरि की संदिग्ध मौत का प्रकरण भी इसके पीछे वजहें हो सकती हैं।

If You Like This Story, Support NYOOOZ

NYOOOZ SUPPORTER

NYOOOZ FRIEND

Your support to NYOOOZ will help us to continue create and publish news for and from smaller cities, which also need equal voice as much as citizens living in bigger cities have through mainstream media organizations.

अन्य वाराणसीकी अन्य ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें और अन्य राज्यों या अपने शहरों की सभी ख़बरें हिन्दी में पढ़ने के लिए NYOOOZ Hindi को सब्सक्राइब करें।

Related Articles