वीआईपी कार्यकर्ताओं और यूपी पुलिस के बीच हुई झड़प, बिना अनुमति फूलन देवी की लगा रहें थे प्रतिमा

संक्षेप:

  • पूर्व सांसद फूलन देवी की प्रतिमा लगाने को लेकर छिड़ा विवाद
  • वीआईपी कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच हुई नोंकझोंक
  • बिना अनुमति लगा रहे थे प्रतिमा

वाराणसी- पूर्व सांसद फूलन देवी की प्रतिमा को बिना अनुमति ही वाराणसी के सूजाबाद में स्थापित करने पर विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) और पुलिस के बीच बृहस्पतिवार को तीखी नोंकझोंक हुई। पुलिस ने शिव मंदिर के पास प्रतिमा स्थापित करने से रोक दिया और उसे जब्त कर लिया। पुलिस का दावा है कि कार्यकर्ताओं ने अपनी गलती की लिखित सूचना भी दी है और अनुमति प्राप्त कर कार्यक्रम का आश्वासन दिया है।

रामनगर के सूजाबाद में बंधा के पास शिव मंदिर के बगल में वीआईपी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने फूलन देवी की मूर्ति 25 जुलाई को स्थापित करने तैयारी की थी। बृहस्पतिवार को इसको लेकर विरोध शुरू हो गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने प्रतिमा प्रतिमा को अपने कब्जे में ले लिया। पुलिस का कहना था कि परमिशन नहीं होने के कारण प्रतिमा को स्थापित नहीं करने दिया जाएगा। 

उधर, वीआईपी पार्टी के जिला अध्यक्ष सुचित साहनी का कहना था कि एसडीएम को परमिशन के लिए प्रार्थना पत्र दिया गया था। जिस पर स्थानीय थाने ने जांच में पाया कि मूर्ति लगने से सूजाबाद में तनाव बढ़ सकता है। सूजाबाद के प्रधान बनारसी निषाद का कहना है कि समाज फूलन देवी की प्रतिमा स्थापित करना चाहता है तो हमें कोई एतराज नहीं है।

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सूजाबाद से सटे डोमरी गांव के प्रधान छोटेलाल पटेल का कहना है कि बगल में शंकर जी मंदिर का जीर्णोद्धार हो रहा है। पास में मूर्ति स्थापित होने से मंदिर का भी नए रूप में निर्माण हो जाएगा। सूजाबाद में फूलन देवी की प्रतिमा स्थापित करने वाले वीआईपी कार्यकर्ताओं में मुख्य रूप से जिला अध्यक्ष सुचित साहनी, मंडल अध्यक्ष अरविंद निषाद, प्रदेश सचिव ओपी कश्यप ,उपाध्यक्ष हरिशंकर निषाद ,जिबोध निषाद, अमित चौधरी, राष्ट्रीय अध्यक्ष संतोष साहनी, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष उमेश निषाद आदि लोग थे।

एसीपी कोतवाली  प्रवीण कुमार सिंह ने कहा कि  बिना अनुमति सार्वजनिक स्थल पर प्रतिमा स्थापित करने की शिकायत पर पुलिस ने रोका है। ऐसा करने वालों ने लिखित माफीनामा देकर गलती स्वीकार की है। पुलिस ने चेतावनी देकर विधिक कार्रवाई नहीं की है।

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