गुजरात की इस महिला को ‘निपाह वायरस’ नहीं है कोई डर, रहती है 400 चमगादड़ों के साथ

संक्षेप:

  • गुजरात की शांताबेन रहती हैं चमगादड़ों के साथ
  • करीब 400 चमगादड़ रहते हैं इनके घर में
  • कहती हैं उन्हें निपाह वायरस का डर नहीं है

देश में एक तरफ निपाह वायरस से लोग डर हुए हैं। लोग घर क्या बाहर भी अगर चमगादड़ दिख जाए तो उससे दूर भाग रहे है। कटे हुए फलों को भी खाने से बच रहे हैं। तो वहीं दूसरी तरफ गुजरात के अहमदाबाद से करीब 50 किमी दूर राजपुर गांव की रहने वाली 74 साल की शांताबेन प्रजापति. जो चमगादड़ों के साथ रहती हैं।

खबरों की माने तो महिला अपने दो कमरों वाले घर में लगभग 400 चमगादड़ों के साथ रहती है। जब उनसे पूछा गया की क्या वह इस समय केरल में निपाह वायरस से हुई मौतों से उनको डर नहीं लग रहा है। तो उन्होंने कहा कि वह निपाह वायरस से नहीं डरती ये चमगादड़ मेरा परिवार हैं।

ये भी पढ़े : अच्छी खबर: डॉक्टरों ने खोज निकाला डेंगू-चिकनगुनिया का इलाज, इस बैक्टीरिया से करेंगे ठीक


बता दें कि, चमगादड़ों के बीच रहने के उनके इस शौक की वजह से अब गांव वाले उन्हें `बैट वुमन` नाम से बुलाने लगे हैं। वहीं, शांताबेन बताती हैं, कि `निपाह वायरस` के बारे में सुना है। पर मैं इससे डरती नहीं। मैं इन चमगादड़ों के साथ पिछले 10 साल से साथ रहती हूं।

साथ ही वह आगे कहती हैं कि, ये मेरा परिवार बन चुके हैं। जब मैं आंगन में खाना बनाने जाती हूं या सोने जाती हूं. तब ये अपना वंश बढ़ाते हैं। वहीं जब शांताबेन घर में बैट कॉलोनी दिखाती हैं. तो ग्राउंड और फर्स्ट फ्लोर की चारों दीवारों पर चमगादड़ चिपके हुए दिखाई देता हैं।

इस तरह से फैल रहा निपाह वायरस

पहले हम आप को बता दें कि निपाह वायरस इस बार चमगादड़ों से फैलना मना जा रहा है। केरल में निपाह वायरस से कई लोगों की मौत हो गई है। इस वायरस में लोगों को डॉक्टर चेतावनी दें रहे है कि कटे फल, पेड़ के पास गिरे फल को ना खाएं। साथ ही बताया जा रहा है कि केरल के खजूर, केला का बिलकुल ही ना खाएं।

इससे निपाह वायरस के बढ़ने का खतरा बढ़ रहा है। तो वहीं इस वायरस से बचाव के लिए रिबावायरिन नामक दवाई का इस्तेमाल किया जा रहा है। यह वायरस एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलने वाला इंफेक्शन है इसलिए इस वायरस से संक्रमित व्यक्ति से दूरी बनानी चाहिए या अधिक सावधानी बरतने से ही इस खतरनाक वायरस से बचा जा सकता है।

निपाह वायरस होने के लक्षण

इससे पीड़ित लोगों के ब्रेन में सूजन आ जाती है। बुखार, सिरदर्द, उल्टी और चक्कर आना भी इस इंफेक्शन के लक्षण हैं। इस वायरस से पीड़ित व्यक्ति कोमा में जा सकता है और उसकी मौत भी हो सकती है। यह इंफेक्शन इतना खतरनाक है कि इससे पीड़ित व्यक्ति 24 से 28 घंटों में कोमा में पहुंच सकता है।

Your support to NYOOOZ will help us to continue create and publish news for and from smaller cities, which also need equal voice as much as citizens living in bigger cities have through mainstream media organizations.

अन्य वाराणसी ताजा समाचार पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें | देशभर की सारी ताज़ा खबरें
हिंदी में पढ़ने के लिए NYOOOZ HINDI को सब्सक्राइब करें |

Related Articles