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हादसे ने हटाया चमत्कार से परदा; भगदड़ में जिंदा बची रेनू का मोहभंग, बोलीं, `लाशाें में दबी थी सेना संग भाग गए बाबा`
- न्यूज़
- Saturday | 6th July, 2024
2007 से जुड़ी थीं सत्संग में टेढ़ी बगिया के नगला किशनलाल में रहने वाली रेनू ने बताया कि वह वर्ष 2007 से सूरज पाल सिंह के सत्संग से जुड़ी थीं।
तब वह दो वर्ष तक लगातार सत्संग में गई थीं।
इसके बाद नौकरी करने लगी और सत्संग में जाना बंद कर दिया।
एक वर्ष से उनकी तबीयत खराब रहने लगी।
कई महिलाओं ने फिर सत्संग में चलने को कहा तो वह फिर जाने लगीं। ये भी पढ़ेंः Hathras: कौन है एक लाख का इनामी मुख्य सेवादार, जिसे पुलिस ने किया गिरफ्तार; मनरेगा में तकनीकी सहायक पद पर है तैनात सत्संग के बाद जा रही थी सड़क पर दो जुलाई को हाथरस के सिकंदराराऊ में भी वह सत्संग सुनने गई थीं।
रेनू ने बताया कि सत्संग खत्म होने के बाद वे पंडाल से सड़क की ओर जा रहे थीं।
उनके साथ पड़ोस में रहने वाली गुड्डी भी थीं।
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