अलीगढ़ में सड़कें पड़ी हैं जर्जर, लोगों को हो रही परेशानी

संक्षेप:

  • महानगर की जर्जर सड़कों से लोगों को हो रही परेशानी।
  • प्रमुख मार्गों पर सीवर के अधिकांश ढक्कन टेढ़े-मेढ़े हैं।
  • 2022 में ही 200 से अधिक दुर्घटनाग्रस्त लोग इलाज के लिए पहुंचे हैं।

अलीगढ़- महानगर की गड्ढे युक्त एवं जर्जर सड़कें लोगों को जीवन भर के लिए दर्द दे रहीं हैं। इसकी वजह से नागरिक कमर दर्द, गर्दन दर्द एवं जोड़ों से संबंधित दर्द के मरीज बन रहे हैं। स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि मलखान सिंह जिला चिकित्सालय में जनवरी एवं फरवरी 2022 में ही 200 से अधिक दुर्घटनाग्रस्त लोग इलाज के लिए पहुंचे हैं।

सूरत-ए-हाल

महानगर के प्रमुख मार्गों पर सीवर के अधिकांश ढक्कन टेढ़े-मेढ़े हैं। कुछ तो सड़क की सतह से कई इंच गहरे तो कुछ सतह से उठे हैं। रामघाट रोड पर समद रोड तिराहे से लेकर जनकपुरी तिराहे तक सीवर के 21 ढक्कन हैं, जिसमें आधा दर्जन से अधिक बेहद खतरनाक हैं। यहां लोग संतुलन खोकर अक्सर दुर्घटनाग्रस्त होते हैं। शहर का दिल कहा जाने वाला सेंटर प्वाइंट भी सुरक्षित नहीं हैं। जीटी रोड, आगरा रोड, मथुरा रोड सहित अन्य प्रमुख मार्गों पर ऐसेे गड्ढे दुर्घटना के कारण बनते हैं। सीवर एवं पेयजल पाइप लाइन के लिए की गई खुदाई की वजह से भी मुश्किलें बढ़ी हैं। गली-मोहल्लों की स्थिति और खराब है।

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ऐसे दर्द दे रही सड़कें

बाइक चलाने पर शरीर का पूरा दबाव कमर और गर्दन से जुड़ी रीढ़ की हड्डी पर आ जाता है। सड़कों पर अधिक गड्ढे होने से झटके लगते हैं। इससे रीढ़ की हड्डी पर दबाव पड़ता है। इसके अलावा कंधों के जोड़ और कलाई पर भी जोर पड़ता है। इससे कलाई में दर्द हो सकता। गड्ढे अधिक गहरे और बड़े हों और बाइक या स्कूटी की स्पीड अधिक हो तो कंधे वाली जोड़ की हड्डी खिसक सकती है। सड़क पर गड्ढे होने का सबसे अधिक असर रीढ़ से जुड़े हिस्सों पर होता है। इसकी वजह से कमर और गर्दन में दर्द शुरू हो जाता है। कमर के अलावा शरीर के निचले हिस्सों में भी दर्द होने लगता है। चिकित्सकों का कहना है कि ऊबड़ खाबड़ सड़कों पर गाड़ी चलाने के दौरान झटका लगने से रीढ़ की हड्डी से डिस्क दब जाती है। इस कारण पैरों में झनझनाहट होती है। गड्ढों के कारण तेज झटका लगने से पैरों में लकवा तक हो सकता है।

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