अगले सत्र से ग्रेजुएशन डिग्री को चार वर्ष का करने की तैयारी, रोडमैप तैयार करने में जुटी Allahabad University

नियुक्त किया गया नोडल अधिकारी पहले चरण में पांच वर्षीय पर्यावरण अध्ययन और आपदा प्रबंधन, बीएससी-एमएससी परिवार एवं समुदाय विज्ञान, बीसीए-एमसीए डाटा साइंस, बीबीए-एमबीए और खाद्य प्रौद्योगिकी पाठ्यक्रम शुरू किया था।

हालांकि बाद में पांच वर्षीय खाद्य प्रौद्योगिकी पाठ्यक्रम में प्रवेश नहीं लेने का निर्णय लिया गया था।

इसके बाद अब इवि को दूसरे चरण में बीए, बीएससी और बीकॉम को नई शिक्षा नीति के दायरे में लाना है।

इसके लिए ही नोडल अधिकारी बनाया गया है। इसके साथ ही उच्च शिक्षा विभाग ने विश्वविद्यालय से एनईपी कार्यान्वयन से संबंधित जानकारियां भी मांगी है, जो उपलब्ध करानी है।

इलाहाबाद विश्वविद्यालय पहले ही बीए, बीएससी और बीकॉम के नई शिक्षा नीति आधारित चार वर्षीय पाठ्यक्रम को तैयार कर चुका है।

ऐसे में अब नई शिक्षा नीति के दायरे में लाने में कोई बड़ी तकनीकी समस्या नहीं है पर संसाधनों की कमी जरूर आड़े आ सकती है। नई शिक्षा नीति लागू होने के बाद स्नातक पाठ्यक्रम विस्तारित हो जाएगा।

चार वर्ष यानी आठ सेमेस्टर में बदल जाएगा।

If You Like This Story, Support NYOOOZ

NYOOOZ SUPPORTER

NYOOOZ FRIEND

Your support to NYOOOZ will help us to continue create and publish news for and from smaller cities, which also need equal voice as much as citizens living in bigger cities have through mainstream media organizations.

डिसक्लेमर :ऊपर व्यक्त विचार इंडिपेंडेंट NEWS कंट्रीब्यूटर के अपने हैं,
अगर आप का इस से कोई भी मतभेद हो तो निचे दिए गए कमेंट बॉक्स में लिखे।

Read more Allahabad की अन्य ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें और अन्य राज्यों या अपने शहरों की सभी ख़बरें हिन्दी में पढ़ने के लिए NYOOOZ Hindi को सब्सक्राइब करें।