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अब इन नई धाराओं में दर्ज होगी FIR, मिट जाएगा अंग्रेजों की IPC का अस्तित्व; कल से लागू हो जाएंगे ये नए कानून
- न्यूज़
- Sunday | 30th June, 2024
एक जुलाई से प्रभावी हो जाएंगे ये नए अधिनियम बताया गया है कि भारतीय दंड संहिता के स्थान पर भारतीय न्याय संहिता, दंड प्रक्रिया संहिता की जगह भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और एविडेंट एक्ट की जगह भारतीय साक्ष्य अधिनियम एक जुलाई से प्रभावी हो जाएंगे।
नई धाराओं के बारे में आम लोगों को भी पता चल सके, इसके लिए सोमवार को सभी थानों पर कार्यशाला का आयोजन किया गया है। थाने पर होर्डिंग भी लगाई जाएंगी, जिसमें आइपीसी के स्थान पर बीएनएस की धाराओं को अंकित किया जाएगा।
इसके साथ पब्लिक एड्रेस सिस्टम और दूसरे माध्यमों से भी नए कानून के बारे में लोगों को अवगत कराया जाएगा। डीसीपी प्रोटोकाल आशुतोष द्विवेदी ने बताया कि नए कानून के बारे में जिले के करीब 95 फीसद पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षित किया जा चुका है।
अभियोजन की ओर से भी ट्रेनिंग दी गई है, जिससे उन्हें किसी तरह की असुविधा न हो। एक जुलाई की घटना से ही नई धारा- अधिकारियों का कहना है कि एक जुलाई से नया कानून लागू हुआ है।
ऐसे में एक जुलाई की तिथि पर घटना, दुर्घटना होने पर ही नए कानून की धाराओं में मुकदमा पंजीकृत किया जाएगा।
अगर 30 जून या उससे पहले की घटना दिनांक तहरीर में दर्शाई जाती है तो आइपीसी की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज होगी।
अदालत के आदेश पर दर्ज होने वाली एफआइआर भी आइपीसी की धारा में लिखी जाएगी। पुलिसकर्मियों के लिए हेल्प डेस्क- पुलिसकर्मियों के लिए जिले स्तर पर एक हेल्प डेस्क भी बनाया जाएगा।
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