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`जमानत मंजूर करते समय बोझिल शर्तें न लगाएं...`, इलाहाबाद हाई कोर्ट ने इस बात लेकर जताई नाराजगी
- न्यूज़
- Friday | 7th June, 2024
इसे भी पढ़ें-लोकसभा चुनाव में मजबूती से उभरी कांग्रेस, सीएम योगी के गढ़ में भाजपा को दी कड़ी टक्कर, देखें आंकड़े कोर्ट ने फैसले का पालन न करने पर नाराजगी जताई।
अदालत ने याची को 18 मई 2023 को जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया था।
याची के परिवार का कोई भी सदस्य प्रदेश में नहीं है।
पिता विदेश में हैं, वह आने में असमर्थ हैं।
प्रतिभूति जमा न होने के कारण याची जेल में एक साल से बंद है। इसे भी पढ़ें- गोरखपुर में विवादित पोस्टर लगाकर दी गई बधाई, सोशल मीडिया पर वायरल हुई तस्वीर कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि टिप्पणियों को न्यायिक अधिकारी के खिलाफ प्रतिकूल रूप से नहीं समझा जाएगा।
इस आदेश की प्रति सचिव, राज्य विधिक सेवा को भेजी जाएगी। आदेश के खास बिंदु यदि कोई कैदी ट्रायल कोर्ट द्वारा तय जमानतदारों की व्यवस्था नहीं कर पाता है तो वह कम जमानतदारों के लिए आवेदन कर सकता है।
कैदी की सामाजिक-आर्थिक स्थिति आदि तथ्यों को आवेदन में बताया जाएगा।
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