`प्राइमरी शिक्षक नहीं पा सकते वेतन सुरक्षा...`, इलाहाबाद हाई कोर्ट ने क्‍यों कही ये बात

इसे भी पढ़ें-गोरखपुर में हैवानियत की सभी हदें पार, दुष्कर्म के बाद महिला को जिंदा जलाने का प्रयास, मचा हड़कंप याची अध्यापकों की याचिका पर एकलपीठ ने उनकी मांग स्वीकार कर वो राहत भी प्रदान करने का आदेश दिया, जिसे वे नहीं पा सकते थे।

इसे बेसिक शिक्षा अधिकारी ने विशेष अपील में चुनौती दी।

खंडपीठ ने याचिका को सुनवाई के लिए पांच सप्ताह बाद एकलपीठ के समक्ष पेश करने का आदेश दिया है। बेसिक शिक्षा परिषद के अधिवक्ता रामानंद पांडेय का तर्क था कि जिस अभय कुमार पाठक केस में आदेश का सहारा लेकर एकलपीठ ने प्रोन्नति व चयन वेतनमान देने का आदेश दिया है, उस आदेश में भी कोर्ट ने ऐसी राहत नहीं दी है।

याचियों ने स्वयं ही अपनी पसंद के जिले मऊ में यह कहते हुए स्थानांतरण लिया था कि वे पदोन्नति नहीं लेंगे और सहायक अध्यापक के पद पर काम करेंगे। इसे भी पढ़ें-मां ने निभाया पिता का दायित्व, बेटे के हौसले को दी उड़ान, बनाया अफसर अंतरजनपदीय तबादला नीति की यह शर्त भी है।

एकलपीठ ने विपिन कुमार केस के आदेश पर विचार नहीं किया।

खंडपीठ ने कहा, यह मांग विबंध न्याय के सिद्धांत के विपरीत है।

विपिन कुमार केस में वेतन संरक्षण का आदेश इस मामले में लागू नहीं होगा। याची विपक्षियों ने स्वेच्छा से पदोन्नति और चयन वेतनमान छोड़ने का फैसला लेकर तबादला स्वीकार किया है।

If You Like This Story, Support NYOOOZ

NYOOOZ SUPPORTER

NYOOOZ FRIEND

Your support to NYOOOZ will help us to continue create and publish news for and from smaller cities, which also need equal voice as much as citizens living in bigger cities have through mainstream media organizations.

डिसक्लेमर :ऊपर व्यक्त विचार इंडिपेंडेंट NEWS कंट्रीब्यूटर के अपने हैं,
अगर आप का इस से कोई भी मतभेद हो तो निचे दिए गए कमेंट बॉक्स में लिखे।

Read more Allahabad की अन्य ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें और अन्य राज्यों या अपने शहरों की सभी ख़बरें हिन्दी में पढ़ने के लिए NYOOOZ Hindi को सब्सक्राइब करें।