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माफिया अतीक के वकील पर कस गया कानूनी शिकंजा, घर पर कभी भी पहुंच सकती है पुलिस; आजीवन होगी निगरानी
- न्यूज़
- Tuesday | 9th July, 2024
उमेश पाल हत्याकांड में मिले थे साक्ष्य बताया गया है कि माफिया अतीक-अशरफ की मौत के बाद उनकी बेनामी संपत्ति को बिकवाने के लिए वकील विजय मिश्रा प्रयासरत था।
वह लखनऊ के एक होटल में गौसपुर कटहुला स्थित साढ़े 12 करोड़ रुपये की जमीन को बिकवाने के लिए डील कर रहा था, तभी पुलिस ने उसे पकड़ा था।
इससे पहले उमेश पाल हत्याकांड में उसके खिलाफ अहम साक्ष्य मिले थे। जेल में बंद अशरफ और वकील के बीच 40 बार हुई बातचीत विजय के मोबाइल की काल डिटेल रिपोर्ट (सीडीआर) से पता चला था कि बरेली जेल में बंद रहे अशरफ और वकील विजय के बीच 50 दिनों में 40 बार बातचीत हुई थी।
कई बार उनके बीच लंबी-लंबी बात भी हुई थी।
इतना ही नहीं, उमेश पाल की हत्या से कुछ घंटे पहले छह बार बातचीत हुई थी।
उसके मोबाइल की लोकेशन भी कचहरी में मिली थी।
आरोपित विजय ज्यादातर इंटरनेट काल व फेसटाइम एप के जरिए संपर्क करता था। उमर, अली, खान शौलत के बाद विजय इससे पहले पुलिस ने उमेश पाल हत्याकांड में आरोपित अतीक के बेटे उमर, अली और उसके राजदार वकील खान शौलत हनीफ की हिस्ट्रीशीट खोली थी।
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