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यौन उत्पीड़ितों को मुआवजे में देरी पर हाई कोर्ट ने जताई गंभीर चिंता, आवेदनों को शीघ्र निपटाने के दिए निर्देश
- न्यूज़
- Thursday | 16th May, 2024
विधि संवाददाता, प्रयागराज।
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने प्रदेश में यौन उत्पीड़न से जुड़े मामलों में पीड़ितों को मुआवजा देने में हो रही देरी पर गंभीर नाराजगी जताते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) को ऐसे लंबित आवेदनों का शीघ्रता से निपटारा कराने के लिए सभी प्रयास करने का निर्देश दिया है।
न्यायमूर्ति विवेक कुमार बिड़ला और न्यायमूर्ति सैयद कमर हसन रिजवी की खंडपीठ ने यह निर्देश दिया है।
कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि यह अच्छी स्थिति नहीं है।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरणों के समक्ष 1129 आवेदन लंबित हैं और लगभग 968 आवेदनों के निपटारे में देरी हो रही है।
इससे पता चलता है कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ठीक से काम नहीं कर रहे हैं।
कोर्ट ने आवश्यक होने पर डीएलएसए को संवेदनशील बनाने का भी निर्देश दिया।
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