कौन है क्रिकेटर इकबाल अब्दुल्ला, जिनकी वजह से मुश्किल में पड़े वसीम जाफर, लगा मुस्लिम को कप्तान बनाने का आरोप

संक्षेप:

यूपी के आजमगढ़ में 2 दिसंबर 1989 को जन्मे सैयद इकबाल अब्दुल्ला के क्रिकेट करियर की शुरुआत मुंबई में हुई. लेकिन बाएं हाथ के स्पिनर को पहचान मिली 2007 में हरियाणा के खिलाफ एक टी 20 मैच में.

आजमगढ़: 2008 में मलेशिया में खेला गया अंडर-19 क्रिकेट वर्ल्डकप कई मायनों में खास रहा था. इस वर्ल्डकप ने ही भारत को विराट कोहली और रविंद्र जडेजा जैसे दो बेजोड़ खिलाड़ी दिए. लेकिन इस टूर्नामेंट में एक और खिलाड़ी के प्रदर्शन ने सबका ध्यान अपनी ओर खींचा था, ये थे इकबाल अब्दुल्ला.

लेकिन उनके इस प्रदर्शन की उतनी चर्चा नहीं हुई. लेकिन अब उनका नाम एक बार फिर से सुर्खियों में है. हालांकि इस बार चर्चा उनके प्रदर्शन को लेकर नहीं है. उत्तराखंड की क्रिकेट टीम के कोच पद से वसीम जाफर ने इस्तीफा दे दिया है.

अब कथित रिपोर्ट के हवाले से कहा जा रहा है कि वह टीम का कप्तान इकबाल अब्दुल्ला को बनाना चाहते थे. मुंबई रणजी टीम का लंबे समय तक हिस्सा रहे अब्दुल्ला पिछले साल सितंबर में उत्तराखंड टीम का हिस्सा बने थे.

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टीम में यूं तो ऑलराउंडर की भूमिका में होते हैं. लेकिन उनकी फिरकी गेंदें विरोधी टीम को ज्यादा परेशान करती हैं. उन्होंने सैयद मुश्ताक अली टूर्नामेंट में उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व किया. हालांकि इस टूर्नामेंट में वह इतने कामयाब नहीं रहे. लेकिन अब्दुल्ला के करियर की शुरुआत काफी शानदार रही है.

यूपी के आजमगढ़ में 2 दिसंबर 1989 को जन्मे सैयद इकबाल अब्दुल्ला के क्रिकेट करियर की शुरुआत मुंबई में हुई. लेकिन बाएं हाथ के स्पिनर को पहचान मिली 2007 में हरियाणा के खिलाफ एक टी 20 मैच में. इस मैच में उन्होंने पांच विकेट झटककर हरियाणा की बल्लेबाजी को तहस नहस कर दिया. इसके बाद उनका चयन अंडर-19 टीम में श्रीलंका दौरे के लिए हो गया.

इस दौरे में वह तीसरे सबसे सफल गेंदबाज रहे. उन्होंने पूरे दौरे में 31.1 ओवर में रन देकर 8 विकेट लिए. अब्दुल्ला गेंद के साथ निचले क्रम पर बल्लेबाजी कर टीम को जिताने में सक्षम हैं. 2008 में मलेशिया में अंडर-19 टीम जब वर्ल्डकप खेलने गई तो अब्दुल्ला भी टीम का हिस्सा थे. इस टूर्नामेंट में उन्होंने 10 विकेट लिए. भारत ने वर्ल्डकप जीता.

2010-11 में अब्दुल्ला का सबसे अच्छा सीजन आया. रणजी ट्रॉफी में उन्होंने मुंबई की ओर से 27 विकेट लिए. इसमें दो पारियों में 5 विकेट भी शामिल रहे. उनकी कामयाबी का सफर आईपीएल में भी जारी रहा. 2011 में कोलकाता नाइट राइडर्स की ओर से खेलते हुए उन्होंने 16 विकेट अपने नाम किए. इसी साल उन्हें रणजी में शानदार प्रदर्शन के लिए प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट का अवॉर्ड मिला.

आईपीएल में अब्दुल्ला ने केकेआर के लिए 6 सीजन में हिस्सा लिया. इसमें उन्होंने33 विकेट लिए. इसके बाद वह राजस्थान रॉयल्स के लिए खेले. रॉयल्स के लिए उन्होंने सिर्फ एक मैच खेला. इसके बाद वह बेंगलुरु टीम का हिस्सा बन गए.

घरेलू टूर्नामेंट की बात करें तो इकबाल अब्दुल्ला 2007 से 2015 तक मुंबई टीम का हिस्सा रहे. इसके बाद वह 2016 से 17 तक केरल टीम के लिए खेले. 2017 में वह फिर से मुंबई टीम के लिए खेले. 2020 में उत्तराखंड क्रिकेट एसोसिएशन ने उन्हें अपने साथ जोड लिया. वसीम जाफर उत्तराखंड टीम के पहले ही हैड कोच बनाए जा चुके थे. लेकिन अब इस विवाद ने टीम के प्रदर्शन पर सवालिया निशान लगा दिए हैं.

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