- होम >>
UP News: IPS अफसर की पहल से निपटा 60 वर्ष पुराना विवाद; बरेली में अब मोहर्रम के जुलूस के समय नहीं होगी टकराव की स्थिति
- न्यूज़
- Tuesday | 9th July, 2024
हर साल जुलूस में निकलने वाले तख्त के लिए सड़क पर 10 फीट का गहरा गड्ढा खोदा जाता था।
बीते कई सालों से विवाद की स्थिति में चर्चा का विषय बना जोगी नवादा अबकी बार बदली छवि के लिए जाना जाए, इसको लेकर नवागत एसएसपी अनुराग आर्य ने पहल की।
उनकी पहल पर बारादरी इंस्पेक्टर अमित पांडेय ने दोनों पक्षों से कई चरणों में बात की। लोगों को समझ में आई पुलिस की बात एक छोटे से विवाद के बाद कानूनी दांव-पेंच के उन्होंने नुकसान बताए।
बीते साल की स्थिति को देखकर लोगों को इंस्पेक्टर की बात समझ पाई जिसके बाद आपसी समन्वय से ही लोगों ने शनिवार को पीपल के पेड़ की छटाई कर मोहर्रम के जुलूस के निकाले जाने का रास्ता साफ कर दिया गया। स्थानीय लोगों के अनुसार, वार्ड 62 चक महमूद में मौर्य वाली गली में करीब 60 साल पुराना पीपल का पेड़ है।
मोहर्रम पर मौर्य गली के 50 मीटर रास्ते पर हर वर्ष पांच से दस फुट गहरा गड्ढा खोदा जाता था।
पूरन लाल मौर्य के घर के पास झुकी पीपल की डाल के नीचे से ताजिया निकाला जाता था।
जब जुलूस निकलता तो पैरामिलिट्री फोर्स, पीएसी भारी पुलिस बल तैनात रहता।
If You Like This Story, Support NYOOOZ
Your support to NYOOOZ will help us to continue create and publish news for and from smaller cities, which also need equal voice as much as citizens living in bigger cities have through mainstream media organizations.
अन्य बरेली की अन्य ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें और अन्य राज्यों या अपने शहरों की सभी ख़बरें हिन्दी में पढ़ने के लिए NYOOOZ Hindi को सब्सक्राइब करें।






डिसक्लेमर :ऊपर व्यक्त विचार इंडिपेंडेंट NEWS कंट्रीब्यूटर के अपने हैं,
अगर आप का इस से कोई भी मतभेद हो तो निचे दिए गए कमेंट बॉक्स में लिखे।