आइटी प्रोफेशनल ने सिलेंडर से नाइट्रोजन गैस फेफड़ों में भरकर दी जान, सुसाइड नोट में मिला पूरी योजना का जिक्र

मौत करीब तीन दिन पहले हुई थी कोई जवाब नहीं मिला तो संदेह होने पर उसने अन्य पड़ोसियों को बुलाया और दरवाजा तोड़ा।

कमरे के अंदर का मंजर देखकर हर कोई हैरान रह गया और तत्काल पुलिस को सूचना दी गई।

पुलिस ने बताया कि उसकी मौत करीब तीन दिन पहले हुई थी।

सिद्धार्थ खुराना ने आत्महत्या के लिए नाइट्रोजन हाइपोक्सिया का उपयोग किया। यह ऑक्सीजन निकालकर तथा नाइट्रोजन गैस को अंदर खींचकर मृत अवस्था तक पहुंचने की तरीका है।

सिद्धार्थ के मामले में भी यह शंका जताई जा रही है कि उसने इंटरनेट के माध्यम से इस तरीके के बारे में जाना होगा। सिद्धार्थ के मानसिक रूप से बीमार होने के डॉक्टरी पर्चे मिले लखनऊ में रहता है सिद्धार्थ का परिवार सिद्धार्थ का परिवार लखनऊ के संत मार्केट, महानगर कालोनी में रहता है।

सिद्धार्थ के पिता वहां एक जनरल स्टोर चलाते हैं।

वह अकेले भोपाल में रहकर आइटी कंपनी में नौकरी कर रहा था।

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