मध्य प्रदेश में अब तेज होगी समान नागरिक संहिता विधेयक बनाने की तैयारी, सीएम मोहन यादव ने दिए यह निर्देश

सीएम मोहन यादव ने दिए ये निर्देश मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने इसके लिए सभी आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।

जल्द ही समिति का गठन होगा, जो उत्तराखंड के कानून का अध्ययन करके रिपोर्ट सरकार को प्रस्तुत करेगी।

इसके आधार पर विधेयक का प्रारूप तैयार करके विधानसभा में प्रस्तुत किया जाएगा।

डॉ. मोहन यादव भी मुख्यमंत्री बनने के बाद समान नागरिक संहिता को लेकर स्पष्ट कर चुके हैं कि जैसा केंद्र सरकार कहेगी मध्य प्रदेश में वैसा ही करेंगे। वहीं, अमित शाह ने भी 26 अप्रैल को गुना संसदीय क्षेत्र में रैली के दौरान कहा था कि केंद्र की भाजपा नीत सरकार देश में यूसीसी लागू करेगी, क्योंकि यह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की गारंटी है। क्या है समान नागरिक संहिता? यूसीसी को भारत के संविधान में अनुच्छेद-44 के तहत राज्य के नीति निर्देशक सिद्धांतों को परिभाषित किया गया है।

इसमें कहा गया है कि पूरे भारत में नागरिकों के लिए एक समान नागरिक संहिता सुनिश्चित करना राज्य का कर्तव्य है।

दूसरे शब्दों में हम कह सकते हैं कि इसका अर्थ है एक देश-एक नियम। यूसीसी धर्म की परवाह किए बिना सभी नागरिकों के व्यक्तिगत मामलों को नियंत्रित करने के लिए कानूनों का एक सेट रखती है, जो यह सुनिश्चित करती है कि उनके मौलिक और संवैधानिक अधिकार सुरक्षित हैं।

यूसीसी कानून के एक सामान्य समूह को संदर्भित करती है, जो भारत के सभी नागरिकों पर विवाह, तलाक, विरासत, गोद लेने और उत्तराधिकार के संबंध में लागू होती है।

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