- होम >>
रायसेन की शराब फैक्ट्री में मजदूरी ही नहीं कर रहे थे 59 बच्चे, मालिक करवा रहा था मासूमों से ये गंदा काम
- न्यूज़
- Monday | 17th June, 2024
अंधेरा होते ही 39 बच्चों को गायब कर दिया गया उन्होंने कार्रवाई के लिए मामला रायसेन के जिला प्रशासन, श्रम विभाग और पुलिस के अधिकारियों के संज्ञान में ला दिया है।
रविवार को आयोग के अध्यक्ष ने कहा कि अंधेरा होते ही 39 बच्चों को गायब कर दिया गया।
उनके संज्ञान में यह भी आया है कि फैक्ट्री में बच्चों से नशे का कारोबार भी कराया जा रहा था।
नौ घंटे बाद एफआईआर दर्ज हो पाई और उसमें भी बच्चों को नशे के कारोबार में लिप्त करने पर लगने वाली जेजे एक्ट की धारा-78 नहीं लगाई गई।
कानूनगो ने कहा कि अभी एक एफआईआर उन पर कराई जाएगी, जिन्होंने बच्चों को गायब किया है। अब तक पांच श्रम अधिकारी निलंबित मामला मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव के संज्ञान में आने पर प्रभारी आबकारी अधिकारी कन्हैयालाल आतुलकर और तीन आबकारी उप निरीक्षक- प्रीति शैलेंद्र उईके, शैफाली वर्मा व मुकेश कुमार को शनिवार को देर रात निलंबित कर दिया गया।
रविवार को सुबह मंडीदीप में पदस्थ लेबर इंस्पेक्टर रामकुमार श्रीवास्तव का निलंबन आदेश भी लेबर कमिश्नर ने जारी कर दिया।
ऐसे में, अब तक श्रम विभाग के पांच अधिकारियों पर निलंबन की कार्रवाई की जा चुकी है। आयोग सुप्रीम कोर्ट जाएगा राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग के अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो ने कहा कि पूरे मामले को लेकर आयोग सुप्रीम कोर्ट में जाएगा और बच्चों को लेकर लापरवाह अधिकारियों को दंडित कराया जाएगा। कई धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज- कलेक्टर वहीं, रायसेन के कलेक्टर अरबिंद दुबे ने कहा, आयोग द्वारा शराब फैक्ट्री में बच्चों से काम कराने का मामला सामने आने के बाद देर रात तक कार्रवाई चली।
If You Like This Story, Support NYOOOZ
Your support to NYOOOZ will help us to continue create and publish news for and from smaller cities, which also need equal voice as much as citizens living in bigger cities have through mainstream media organizations.






डिसक्लेमर :ऊपर व्यक्त विचार इंडिपेंडेंट NEWS कंट्रीब्यूटर के अपने हैं,
अगर आप का इस से कोई भी मतभेद हो तो निचे दिए गए कमेंट बॉक्स में लिखे।