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बस्तर का चिड़पाल गांव, जहां जल संकट की कोख से जन्मा मतांतरण, बीमारी से टूटी आस्था
- न्यूज़
- Sunday | 15th June, 2025
उपसरपंच सुकुरराम कश्यप कहते हैं कि सूखे कंठ और दूषित पानी से फैल रही बीमारियों ने मिशनरियों को इलाज और प्रार्थना से उपचार का भ्रमजाल फैलाने का अवसर दे दिया।
आज गांव में 70 ईसाई परिवार और छह चर्च हैं, जहां करीब 500 लोग प्रार्थना करते हैं।
यह स्पष्ट है कि देवगुड़ी की कुलदेवी पर अटूट विश्वास रखने वाले गोंड जनजाति बहुल चिड़पाल गांव में आदिवासी संस्कार और सामूहिक परंपराएं अब चर्च की घंटियों से टकराने लगी हैं। यह भी पढ़ें: Shivpuri Bridge Collapses: शिवपुरी में निर्माण के दौरान ढहा रेलवे ओवर ब्रिज, 6 मजदूर घायल ।
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