सरकारी दफ्तरों, उद्योगों और बड़े कारोबारियों ने नहीं पटाया बिजली बिल, 169.53 करोड़ का बकाया

संक्षेप:

कोरोनो काल में बिजली नहीं काटने के फैसले से बिजली कंपनी को बड़ा झटका लगा है। सरकारी विभाग, नगरीय निकाय हो या उघोग और बड़े व्यापारी बिजली बिल ही नहीं दिए। यही नहीं लोगों ने भी बिजली बिल देने में दिलचस्पी नहीं दिखाई। 

कोरोनो काल में बिजली नहीं काटने के फैसले से बिजली कंपनी को बड़ा झटका लगा है। सरकारी विभाग, नगरीय निकाय हो या उघोग और बड़े व्यापारी बिजली बिल ही नहीं दिए। यही नहीं लोगों ने भी बिजली बिल देने में दिलचस्पी नहीं दिखाई। इसकी वजह से डिवीजन में अभी तक 169.53 करोड़ रुपये का बकाया हो गया है। खास बात यह है कि कंपनी का बकाया मार्च 2020 में 101 करोड़ था जिसे हर साल वसूली करने का अभियान शुरू होता इसके पहले ही कोरोना आ गया और बकाया तो वसूल हुआ नहीं बल्कि और यह 68.53 करोड़ बढ़ गया। सरकारी विभागों में शिक्षा विभाग का सबसे ज्यादा 4.28 करोड़ बकाया: कोरोना की वजह से सरकारी स्कूल नहीं खुले लेकिन दफ्तर ही खुले रहे। स्कूलों में शिक्षक और संस्था प्रमुख जाते रहे। पिछले पांच महीने से बच्चों का एडमिशन शुरू हुआ। ऑनलाइन क्लासेस चालू की गई। जिला शिक्षा विभाग, बीईओ दफ्तर, सर्वशिक्षा कार्यालय, आरएमएसए कार्यालय सहित विभागीय कार्य चले। मौजूदा हालात में शिक्षा विभाग का बिजली बिल का बकाया 4.28 करोड़ रुपए है।

ट्विनसिटी के चारों निगमों ने नहीं पटाए 21.80 करोड़


ट्विनसिटी के चारों निगमों ने भी कोरोना काल के दौरान कराेड़ो रुपए के बिजली जलाई लेकिन भुगतान नहीं कर सके। दुर्ग, भिलाई, चरोदा और रिसाली नगर निगम को बिजली का 21.80 करोड़ रुपए देना है। इस बिल में 9 कराेड़ 95 लाख रुपए पेयजल सप्लाई करने वाले प्लांट का बकाया है। सड़क बत्ती जल रही है लेकिन उसका भी बिल नहीं पटा। सड़क बत्ती का 9.60 करोड़ रुपये का बिल है। अन्य विभागों में पंखे, लाईट जलाने के 2.25 करोड़ रुपये का बिल है।

उघोगों और व्यापारियों ने भी नहीं दिए बिजली के बिल


कोरोना काल में उद्योग-धंधों पर व्यापक असर पड़ा। उद्योग-धंधे कई महीने बंद रहे। काम चालू हुआ लेकिन महानगरों में फैले कोरोना की वजह से यहां आने वाला रा-मटेरियल नहीं पहुंचा और इसका असर मंदी पर रहा। इस स्थिति से उबर रहे उद्योग- धंधों से जुड़े लोग भी बिजली बिल नहीं अदा कर पाए हैं। उद्योग धंधों का ही बिल 28 करोड़ नहीं पटा है। इससे बिजली कंपनी को बड़ा नुकसान हो रहा।

52 सरकारी विभाग ने भी रोका बिल का भु़गतान

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कोरोना के चलते जिले में सभी सरकारी विभागों ने बिजली बिल का भुगतान अटका रखा है। जिले में 52 सरकारी विभाग हैं और इन सब का बिजली बिल बकाया 14.32 करोड़ रुपए पहुंच गया है। इनमें प्रमुख तौर पर लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, पीडब्ल्यूडी, स्वास्थ्य विभाग, जल संसाधन विभाग, राजस्व विभाग, महिला बाल विकास से लेकर प्रशाासनिक कार्यालय भी शामिल हैं जिन्होंने भुगतान नहीं किया।

घरेलू उपभोक्ताओं पर भी पड़ा असर, छूट का लाभ भी नहीं


कोरोना का असर घरेलू उपभोक्ताओं पर पड़ा है। उपभोक्ताओं ने भी कोरोना काल में बिजली बिल नहीं अदा कर पाए हैं। विभागीय सूत्रों के मुताबिक 38 करोड़ 66 लाख रुपए का बिल भुगतान घरेलू व छोटे व्यापारियों ने नहीं किया है। बिल नहीं पटाने की वजह से घरेलू उपभोक्ताओं को 400 यूनिट तक आधी बिजली बिल छूट का लाभ भी नहीं मिल रहा है। लगातार दो महीने तक बिजली नहीं पटाने पर उपभोक्ता इस योजना से बाहर हो रहे हैं।

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