पर्याप्त पानी नहीं मिलने की वजह से लोग पैसे देकर पानी खरीदने को हुए मजबूर, 20 प्रतिशत महंगा हुआ बोतल बंद पानी

संक्षेप:

  • बोतलों के दामों में 15 से 20 प्रतिशत की तक हुई बढ़ोतरी
  • पर्याप्त पानी नहीं मिलने की वजह से लोग पैसे देकर पानी खरीदने को मजबूर
  • गाजियाबाद में हर साल 3 से 5 फीट भूजल का स्तर गिर रहा

गाजियाबाद। कोरोना काल में नगर निगम की तरफ से स्वच्छ पानी मुहैया नहीं करने के चलते लोग अधिक पैसा देकर बोतल बंद पानी खरीदने को हो रहे मजबूर। पानी की बोतलों के दामों में 15 से 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी हो गई है। मार्केट में बिकने वाली चालीस रुपये की बोतल के दाम बढ़ाकर पचास रुपये कर दिए हैं। वहीं ब्रांडेड बोतल भी एमआरपी पर नहीं बिक रही है। 80 रुपये में बिकने वाली बोतल के दामों को भी 95 से 100 रुपये कर दिया गया है। 

पर्याप्त पानी नहीं मिलने की वजह से लोग पैसे देकर पानी खरीदने को मजबूर

टीएचए में बोतल बंद पानी का कारोबार लगातार फल फूल रहा है। वैशाली, वसुंधरा, इंदिरापुरम, शालीमार गार्डन, राजेंद्र नगर, लाजतप नगर, कौशांबी, डेल्टा कॉलोनी में लगतार बोतल बंद पानी की मांग बढ़ती जा रही है। कोरोना काल में भी लगातार मांग बढ़ने से बोतल बंद पानी का कारोबार करने वाले लोगों ने पानी की बोतलों के दामों में 15 से बीस प्रतिशत तक की बढ़ोतरी कर दी है। पहले लोकल कंपनी की पानी की बोतल चालीस से पचास रुपये में मिलती थी। उसके दाम को पचास से 60 रुपये कर दिया गया है। वहीं कंपनी की बोतल के दाम 80 रुपये से सीधे 90 से 100 रुपये के बीच हो गए है। नगर निगम की तरफ से पर्याप्त पानी नहीं मिलने की वजह से लोग पैसे देकर पानी खरीदने को मजबूर है। पानी के दाम बढ़ने की वजह से पानी पर खर्चा 500 से हजार रुपये प्रति महीना बढ़ गया है

ये भी पढ़े : गोरखपुर: बीजेपी एनजीओ प्रकोष्ठ ने जारी की संयोजकों की नई सूची, गंधर्व पाठक बने क्षेत्रीय सह संयोजक


गाजियाबाद में हर साल 3 से 5 फीट भूजल का स्तर गिर रहा

मोहननगर जोन में अभी तक गंगाजल की आपूर्ति नहीं होती है। यहां पर लोगों को एक वक्त ही पानी मिलता है। वह भी बमुश्किल कुछ मिनट ही। नगर निगम का पानी पीने लायक नहीं है। लोगों का कहना है कि इस पानी से घर के तो सारे काम हो जाते हैं लेकिन यह पीने में खारा लगता है। पर्यावरण कार्यकर्ता सुशील राघव ने बताया कि गाजियाबाद में हर साल 3 से 5 फीट भूजल का स्तर गिर रहा है। जहां प्लांट ज्यादा लगे हैं, वहां स्तर ज्यादा गिरा है। वहीं बोतलबंद पानी की शुद्धता की कोई गारंटी नहीं होती है। इन बोतलों पर किसी भी कंपनी का स्टीकर नहीं लगा होता है।

If You Like This Story, Support NYOOOZ

NYOOOZ SUPPORTER

NYOOOZ FRIEND

Your support to NYOOOZ will help us to continue create and publish news for and from smaller cities, which also need equal voice as much as citizens living in bigger cities have through mainstream media organizations.

Read more Ghaziabad की अन्य ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें और अन्य राज्यों या अपने शहरों की सभी ख़बरें हिन्दी में पढ़ने के लिए NYOOOZ Hindi को सब्सक्राइब करें।

Related Articles