Ghaziabad News: मेट्रो और एलिवेटेड रोड कॉरिडोर के दोनों तरफ घोषित होगा टीओडी जोन, बनेंगी ऊंची इमारतें

फ्लोर एरिया रेश्यो किसी भूखंड के कुल क्षेत्रफल के कुल निर्मित क्षेत्र का अनुपात होता है।

उदाहरण के तौर पर अगर कोई भूखंड 100 मीटर है और उस पर पांच एफएआर निर्माण मान्य है तो कुल 500 वर्गमीटर निर्मित क्षेत्र में निर्माण किया जा सकेगा। शासन की उच्च स्तरीय समिति ने सोमवार को मास्टर प्लान 2031 का प्रजेंटेशन देखने के बाद नमो भारत ट्रेन के टीओडी जोन की तरह मेट्रो व एलिवेटेड रोड कॉरिडोर का टीओडी जोन मास्टर प्लान में चिह्नित न करने पर आपत्ति लगाते हुए मास्टर में संशोधन कर इसे चिह्नित कर दर्शाने के निर्देश दिए हैं। मानक तय करने के लिए मांगी थी गाइडलाइन शासन के उच्चाधिकारियों का कहना था कि साल 2019 में ही इस संबंध में शासन ने जीडीए को मेट्रो को टीओडी जोन घोषित करने के बाद लिए निर्देश दिए गए थे जिसके बाद जीडीए की तरफ से मानक तय करने के लिए गाइडलाइन मांगी गई थी, लेकिन बाद में दिशा में कार्रवाई आगे नहीं बढ़ सकी थी। मेट्रो के दोनों फेज के दोनों तरफ अतिरिक्त एफएआर देने से छोटे भूखंडों पर मिश्रित भू-उपयोग के साथ ऊंची इमारत बन सकेगी।

दरअसल, मेट्रो फेज-दो दिलशाद गार्डन से नया बस अड्डा तक दोनों तरफ ज्यादातर छोटे-छोटे भूखंड हैं जिन पर वर्तमान में ज्यादातर निर्माण हो चुका है। नए नियमों के तहत नक्शा पास करा सकेंगे लोग मास्टर प्लान में उपरोक्त क्षेत्र के मेट्रो के टीओडी जोन के रूप में घोषित होने पर लोग दोबारा से नए नियमों के तहत नक्शा पास करा सकेंगे।

इससे लोगों को पांच एफएआर के साथ मिश्रित भू-उपयोग मिलेगा यानी मकान, दुकान, ऑफिस साथ बन सकेंगे। साथ ही नक्शा स्वीकृति शुल्क से रूप में प्राधिकरण के कोष में इजाफा होगा।

इसी तरह से फायदा एलिवेटेड रोड के दोनों तरफ टीओडी जोन बनाने से होगा।

जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स ने बताया कि शासन की उच्च स्तरीय समिति की बैठक के बिंदुवार मिनट्स जारी होंगे।

उसी के अनुसार मास्टर प्लान में संशोधन कराकर मेट्रो व एलिवेटेड रोड कॉरिडोर के दोनों तरफ टीओडी जोन चिह्नित करने के साथ अन्य संशोधन कराए जाएंगे। ।

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