गाजियाबाद के 2 लाख लोगों की बढ़ेगी मुश्किल, संपत्ति कर न जमा करने पर घरों से कटेगा पानी और सीवर का कनेक्शन

शहर में विकास कार्य होते हैं प्रभावित पिछले चार साल के आंकड़ों पर गौर करें तो नगर निगम एक बार भी शत प्रतिशत संपत्ति कर की वसूली नहीं कर सका है।

संपत्ति कर जमा न किए जाने के कारण शहर में विकास कार्य प्रभावित होते हैं। नगर निगम द्वारा संपत्ति कर जमा न करने वालों पर ब्याज लगाया जाता है, लेकिन कुछ करदाता अपना संपत्ति कर जमा नहीं करते हैं।

ऐसे करदाताओं के घरों से पानी और सीवर का कनेक्शन काटने का कार्य भी किया जाता है। मुख्य कर निर्धारण अधिकारी डा. संजीव सिन्हा ने बताया कि संपत्ति कर जमा न करने वाले करदाताओं से वसूली के लिए नगर निगम द्वारा अभियान चलाने के बाद भी यदि संपत्ति कर जमा नहीं कराया गया तो बकाया संपत्ति कर की वसूली के लिए बकायेदार करदाताओं के घरों से पानी और सीवर का कनेक्शन भी काटा जाएगा। वित्तीय वर्ष करदाता निर्धारित संपत्ति कर कर जमा करने वाले जमा संपत्ति कर 2020 - 21 3,40,969 63.38 करोड़ रुपये 1,35,314 48.18 करोड़ रुपये 2021 - 22 4,06,109 72.81 करोड़ रुपये 1,30,055 55.08 करोड़ रुपये 2022 - 23 4,20,535 74.25 कराेड़ रुपये 1,36,934 60.91 करोड़ रुपये 2023 -24 4,20,793 104.18 करोड़ रुपये 2,26,463 76.43 करोड़ रुपये ।

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